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लिखे जो खत तुझे..

मोहम्मद रफी को किया याद
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Pratapgarh

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अरनोद
फिल्म जगत के पाश्र्व गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर कस्बे के कस्तूरीबाई कोठारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक शाम रफी के नाम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि विद्यालय के संचालक कैलाश कोठारी थे। अध्यक्षता केशव जैन ने की।
विशिष्ट अतिथि चिरंजीलाल कोठारी, अशोक भावसार, कमलेश नागर एवं सत्यनारायण शर्मा थे। इस अवसर पर सरगम विजन सोसाइटी पदाधिकारी के कलाकारों द्वारा एवं अरनोद के स्थानीय कलाकारों द्वारा रफी के गीतों की प्रस्तुति दी। जिसमें शत्रुघ्न शर्मा ने दूर रहकर ना बात करीब आ जाओ....।जगदीश पंड्या ने बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके बृजबाला...। राजेंद्र शर्मा ने याद ना जाए बीते दिनों की...। सरगम विजन के अध्यक्ष चंद्रहास भट्ट ने लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में.., मैं कवि ना बन जाऊं तेरे प्यार में की प्रस्तुति दी। स्थानीय कलाकारो में पिंकेश जैन ने सुहानी रात ढल चुकी न जाने तुम कब आओगे... जो उनकी तमन्ना है, बर्बाद हो जाए..। की प्रस्तुति दी।
अमर सिंह चौहान ने ओ दुनिया के रखवाले, सुन दर्द भरे मेरे नाले, रंग और नूर की बारात किसे पेश करूं, तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है...। कैलाश कोठारी ने आने से उसके आए बहार जाने से उसके जाए बहार। प्रसंग कोठारी द्वारा क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा, बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है। राजपालसिंह चौहान द्वारा पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा माना, रविंद्र सुथार ने चल मुसाफिर तेरी मंजिल दूर है तो क्या हुआ। देवेंद्र गंधर्व ने दर्दे दिल, दर्दे जिगर गीतो की प्रस्तुति दी।
अध्यक्ष केशवलाल ने कहा की इस तरह के कार्यक्रम में कई प्रतिभाएं जो छिपी हुई है। उन्हें उभरकर आने का मौका मिलता है, साथ ही उन्होंने 14 अगस्त को एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम करने की मंशा जाहिर की। संचालन अमरसिंह चौहान ने किया। साथ ही इस अवसर पर साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की भी इसी दिन पूण्य तिथि होने से उन्हें भी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

फोटो....
खेतों में कटी फसल, ग्रामीणों में भय
अरनोद
उपखंड के लागगढ़ ग्राम पंचायत के धन्यारुण्डी गांव के खेतों में मक्का की खड़ी फसल रात को कटने से लोगों में भय का माहोल है। यह कई दिनों से चल रहा है। एक महीने से सवा महिने की मक्का की फसल दस दिनों से लोगों के खेतों में मक्का की फसल कट रही है।
लोग रात को ध्यान भी रख रहे है। लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है। धनयारुंडी राप्रावि प्रधानाध्यापक हीरालाल कटारा ने बताया कि कई किसानों के खेतों में मक्का की फसल कटी हुई है।