
माघ मेले में लगभग 31 लाख लोगों ने किया स्नान, PC- Patrika
प्रयागराज में माघ मेले के पहले स्नान (पौष पूर्णिमा) पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शाम 7 बजे तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके थे। मेला प्राधिकरण ने 20-25 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद जताई थी, लेकिन यह आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो गया। यूपी सरकार इसे मिनी कुंभ के रूप में आयोजित कर रही है, जो 15 फरवरी तक चलेगा।
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर आचार्य कल्याणी मां ने त्रिशूल लहराते हुए 'हर-हर गंगे' के जयघोष के बीच आस्था की डुबकी लगाई। किन्नर समुदाय की यह शोभायात्रा मेले का आकर्षण बनी।
मेले के उत्साह के बीच एक अप्रिय घटना हुई। अक्षयवट मार्ग पर बसना नाले की अस्थायी पुलिया तेज बहाव में धंसकर बह गई। इससे रास्ता बंद हो गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाम में फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पीपा पुलिया लगाई जाती थी, जो पानी निकासी में मदद करती थी, लेकिन इस बार पाइप सिस्टम लगा, जो दबाव नहीं झेल सका। मेला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन जाम से बात सामने आ गई। गनीमत रही कि पानी तंबुओं में नहीं घुसा।
श्रद्धालु स्नान-दान के बाद लेटे हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं। एक सपा कार्यकर्ता ने मुलायम सिंह यादव की तस्वीर साथ लेकर डुबकी लगाई। पुलिस ने दो फर्जी बाबाओं को पकड़ा, जिनके पास फर्जी आधार कार्ड और नकली नोट मिले। कल्पवास शुरू हो गया। हजारों कल्पवासी 45 दिनों तक गंगा तट पर तंबुओं में रहकर पूजा-अर्चना करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए हैं। 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात। AI तकनीक वाले CCTV कैमरों से निगरानी। ATS-NIA कमांडो भी ड्यूटी पर। मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर में फैला, 7 सेक्टरों में बांटा गया। 8 किमी लंबे स्नान घाट, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम।
Updated on:
3 Jan 2026, 9:54 PM IST
Published on:
3 Jan 2026, 9:54 PM IST
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