
महंत नरेंद्र गिरि कौन थे जानिए?
प्रयागराज. Who was Mahant Narendra Giri अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष (Akhil Bharatiya Akhara Parishad) महंत नरेंद्र गिरि (ahant Narendra Giri) संदिग्ध परिस्थितियों में मृत माए गए। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला। महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। पर महंत नरेंद्र गिरि कौन थे, उनके बारे में जानने को लोग बेहद उत्सुक है।
नरेंद्र गिरि कौन थे Mahant Narendra Giri ?
महंत नरेंद्र गिरि प्रयागराज के निवासी थे। बाघंबरी मठ प्रयागराज के महंत थे। संगम किनारे प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर मुख्य पुजारी की जिम्मेदारी का निर्वहन भी कर रहे थे। निरंजनी अखाड़े से उनका जुड़ाव रहा है। वे इस अखाड़े के सचिव रह चुके हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने रामजन्म भूमि आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के दूसरी बार अध्यक्ष :- मार्च 2015 में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी सचिव और बाघंबरी गद्दी महंत नरेंद्र गिरि को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष चुना गया था। पूर्व अध्यक्ष ज्ञानदास के कार्यकाल के बाद उनकी ताजपोशी हुई थी। साल 2019 में उन्हें दोबारा अध्यक्ष चुना गया।
बाघंबरी मठ के पास करोड़ों की सम्पति :- प्रयागराज के बाघंबरी मठ और संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर की करोड़ों रुपए की संपत्ति है। दोनों जगहों से करोड़ों रुपए की आमदनी होती है। मठ के पास प्रयागराज शहर के अलावा कई शहरों में जमीनें हैं। जिनकी कीमत अरबों रुपए में है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद क्या है? :- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। यह परिषद देश के प्रमुख 13 अखाड़ों की प्रतिनिधि संस्था है। अखाड़ा परिषद का कार्य महामंडलेश्वर और बाबाओं को सर्टिफिकेट देने का है। ये सभी 13 अखाड़े तीन मतों में बंटे हुए हैं।
Published on:
21 Sept 2021 12:24 pm
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