4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिवाली पर दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मिली अनुमति, 4 से 6 नवंबर तक बिक्री; जानें कब और कितने बजे चला सकेंगे पटाखे

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 4 से 6 नवंबर तक प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और 7 व 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक उन्हें चलाने की अनुमति दी है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Avaneesh Kumar Mishra

•

Updated: 3 Nov 2026, 9:58 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में किस समय पटाखे चलाने की दी इजाजत, PC-Chatgpt

दिवाली से पहले दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को सुप्रीम कोर्ट से सीमित राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने निर्धारित शर्तों के साथ प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह छूट केवल कुछ दिनों के लिए होगी और पटाखे चलाने का समय भी तय किया गया है। उत्तरी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निहारिका भट्ट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की जा सकेगी और उनके डिब्बों पर क्यूआर कोड होना अनिवार्य है।

डीसीपी निहारिका भट्ट ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों को अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पटाखों के डिब्बों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके खरीदार उनकी प्रमाणिकता और बैच नंबर की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

केवल तीन दिन होगी ग्रीन पटाखों की बिक्री

निहारिका भट्ट ने बताया कि दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए 4, 5 और 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है। इन तीन दिनों के अलावा पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से प्रमाणित ग्रीन पटाखे खरीदें और अदालत के निर्देशों का पालन करें।

पटाखे चलाने की अनुमति भी केवल 7 और 8 नवंबर को दी गई है। इन दोनों दिनों में सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। निर्धारित समय के बाहर पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने ग्रीन पटाखों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत का आदेश 29 अक्टूबर 2026 का है, जिसे सोमवार, 2 नवंबर को उपलब्ध कराया गया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि 9 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध दोबारा प्रभावी हो जाएगा। इस प्रकार दिवाली के अवसर पर दी गई छूट अस्थायी है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

क्यूआर कोड से होगी पटाखों की पहचान

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ग्रीन पटाखों के प्रत्येक डिब्बे पर संबंधित उत्पाद और बैच का विशिष्ट क्यूआर कोड होना चाहिए। इसे स्कैन करने पर निर्माता का नाम, सीएसआईआर-नीरी का पंजीकरण, संबंधित लाइसेंस और परीक्षण प्रमाणपत्र की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित और आवश्यक लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं के स्वीकृत ग्रीन पटाखों की ही बिक्री की जा सकेगी। बिना अनुमति वाले पारंपरिक पटाखों, बेरियम युक्त पटाखों और लड़ियों के निर्माण तथा बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थानों पर होगी। ऑनलाइन माध्यम से इनकी बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान किया गया है।

अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के आसपास प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर रोक लगाई है। शिक्षण संस्थानों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा।

अदालत ने प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें 'नो-क्रैकर जोन' के रूप में चिह्नित करने और लोगों को नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।

भाजपा नेता आरपी सिंह ने फैसले का किया स्वागत

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली के पूर्व विधायक आरपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में दिवाली के समय प्रदूषण का स्तर कई अन्य दिनों के मुकाबले कम रहा है।

सिंह ने दावा किया कि प्रदूषण के लिए केवल पटाखों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलने से लोगों को त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, प्रदूषण को लेकर उनका यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया है, न कि किसी वैज्ञानिक अध्ययन का स्थापित निष्कर्ष।

मंत्री आशीष सूद ने की जिम्मेदारी से दिवाली मनाने की अपील

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार हमेशा से पर्यावरण संरक्षण के साथ त्योहारों और सामाजिक गतिविधियों को सामान्य रूप से जारी रखने के पक्ष में रही है।

सूद ने कहा कि दिल्ली के नागरिक होने के नाते सभी की जिम्मेदारी है कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए दिवाली मनाएं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखने और त्योहार के दौरान जिम्मेदार व्यवहार करने की अपील की।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को पटाखों की बिक्री की निगरानी, अवैध पटाखों की रोकथाम और वायु गुणवत्ता पर नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत का उद्देश्य त्योहार मनाने की अनुमति देने के साथ पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।