
पुणे में MPSC अभ्यर्थी परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर छात्र। (फोटो सोर्स @abhijeet_dipke )
MPSC Protest Pune: महाराष्ट्र के पुणे में सोमवार को सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। MPSC यानी महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने बड़ा 'आक्रोश मोर्चा' निकाला। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर उतरने से पुणे में ऐसा माहौल नजर आया, जैसा दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े छात्र प्रदर्शनों के दौरान देखने को मिलता है।
दरअसल, MPSC की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में बार-बार सवाल खड़े हो रहे हैं। कहीं पेपर लीक की शिकायत सामने आती है तो कहीं परीक्षा से जुड़े फैसलों और सीटों की संख्या को लेकर अभ्यर्थी सवाल उठाते हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह साफ और पारदर्शी बनाने की है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी के लिए युवा कई साल तक तैयारी करते हैं। सुबह से रात तक पढ़ाई करने और परिवार का पैसा खर्च होने के बाद अगर परीक्षा में कोई गड़बड़ी हो जाए तो सबसे बड़ा नुकसान अभ्यर्थियों का ही होता है।
छात्रों ने कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि MPSC को परीक्षा के पैटर्न, सीटों की संख्या और भर्ती के नियमों में होने वाले बदलावों की जानकारी समय पर देनी चाहिए। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को आखिरी समय में बदलावों की जानकारी मिलने से तैयारी पर सीधा असर पड़ता है।
छात्र यह भी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की जानकारी साफ तरीके से उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
'आक्रोश मोर्चा' में बड़ी संख्या में MPSC उम्मीदवार शामिल हुए। NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचीं और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। छात्रों ने इस दौरान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने MPSC के चेयरपर्सन के इस्तीफे की मांग भी की।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा पास करना उनके लिए सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि कई सालों की मेहनत का नतीजा होता है। ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से छात्र चाहते हैं कि सरकार और MPSC उनकी शिकायतों को गंभीरता से लें और भर्ती व्यवस्था में जरूरी सुधार करें।
पुणे में हुआ यह प्रदर्शन अब महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों को फिर सामने ले आया है। अब नजर इस बात पर है कि छात्रों की मांगों पर महाराष्ट्र सरकार और MPSC क्या कदम उठाते हैं।
Updated on:
7 Sep 2026, 12:42 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 12:40 PM IST
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