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TCS नासिक विवाद में नया ट्विस्ट: ‘POSH चैनल पर नहीं मिली कोई शिकायत’ गंभीर आरोपों के बीच कंपनी का बयान आया सामने

TCS Nashik case: नासिक TCS केस में कंपनी का बयान सामने आया है। कंपनी ने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनके अनुसार उनके एथिक्स चैनलों पर ऐसी किसी भी तरह की शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

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पुणे

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Harshita Saini

Apr 18, 2026

TCS Nashik case, IT company controversy, sexual harassment probe

TCS नासिक विवाद में कंपनी का बयान (सोर्स-IANS)

TCS Nashik case: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से संबंधित विवाद हाल ही में कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और अन्य दुर्व्यवहार के आरोप शामिल हैं। इस केस में कंपनी पर यह आरोप लगाया गया था कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों ने उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत की, लेकिन उनकी शिकीयत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इन्हीं आरोपों के बीच अब कंपनी का बयान सामने आया है, जिसमें कंपनी पर लगे आरोपों को गलत ठहराया गया है।

कंपनी का बयान

कंपनी का कहना है कि अब तक उन्हें इन आरोपों से जुड़ी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। टीसीएस के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने कहा कि जांच अभी जारी है लेकिन नासिक यूनिट के सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में भी ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी के एथिक्स और POSH चैनलों पर इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। कंपनी का यह बयान टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस मामले में हाई-लेवल जांच के आदेश देने के चार दिन बाद सामने आया है।

निदा खान की भूमिका को भी किया स्पष्ट

कंपनी ने अपने बयान में साफ किया कि बीपीओ में काम करने वाली निदा खान किसी भी तरह की लीडरशिप पॉजिशन पर नहीं थीं। वह एक सिर्फ प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर काम करती थीं। TCS ने कहा कि मीडिया में उन्हें बार-बार HR मैनेजर बताया जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि वह न तो HR मैनेजर थीं और न ही भर्ती से जुड़ी कोई जिम्मेदारी संभाल रही थीं। आगे उन्होंने यह भी बताया कि 9 अप्रैल को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।

आंतरिक जांच शुरू

कंपनी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच टीसीएस की अध्यक्ष और सीओओ के नेतृत्व में की जा रही है। साथ ही डेलॉइट और ट्राइलीगल के एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही केकी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक ओवरसाइट कमेटी बनाई गई है, जो जांच रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

निदा का पति हिरासत में

नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि निदा खान के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर उनकी तलाश जारी है। उन पर एक धार्मिक टिप्पणी से जुड़ा आरोप भी है। पुलिस की तीन अलग टीमें निदा की तलाश के लिए लगी हुई हैं। जांच के दौरान पुलिस ने निदा के पति को हिरासत में ले लिया है।

आतंकी लिंक की हो रही जांच

दूसरी तरफ, राज्य एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने शुक्रवार को BPO के दो कर्मचारियों रजा मेमन और शफी शेख से पूछताछ की, जिन्हें 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। ATS ने उनसे यह जानने की कोशिश की कि क्या उनका किसी आतंकी संगठन से संबंध है या उन्हें विदेश से कोई फंड मिल रहा था। यह जांच नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के NIA, ATS और इंटेलिजेंस विभाग से मदद मांगने के बाद शुरू हुई।

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