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‘दादा-परदादा भी हरा नहीं कर पाए,’ मुगलों ने तो…. महाराष्ट्र की सियासत में ‘हरा बनाम भगवा’ की जंग तेज

Maharashtra politics: निकाय चुनाव के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल जारी है। मेयर पद को लेकर खींचतान के बीच ‘हरा बनाम भगवा’ की सियासत फिर तेज हो गई है

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पुणे

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Imran Ansari

Jan 27, 2026

The battle of 'green vs saffron' intensifies in Maharashtra politics

Maharashtra politics: हालही में हुए निकाय चुनाव के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ मेयर बनाने को लेकर सभी पार्टियों में खींचातानी चल रही है, तो वहीं दूसरी तरफ 'हरा बनाम भगवा' की राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस सिसायत की शुरुआत मुंब्रा से मीम की नई पार्षद सहर शेख ने की थी और हवा देने का काम एआईएमआईएम नेता वारिस पठान और इम्तियाज जलील ने किया। उधर, भाजपा नेताओं की तरफ से भी मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है।

आपको बता दें कि सहर शेख ने पहले मुंब्रा को हरा करने का बयान दिया जिस पर जमकर सियासत की गई, फिर इम्तियाज जलील ने पूरे महाराष्ट्र को हरा करने का बयान दे दिया, जिसके बाद अब हरा बनाम भगवा की जंग तेज हो गई है। भाजपा नेताओं के साथ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एक एकनाथ शिंदे ने भी ओवैसी की पार्टी पर जोरदार हमला किया। अब शिवसेना की नेता शायना एनसी ने AIMIM को आड़े हाथों लेकर कहा है कि यह पार्टी देश में केवल इस्लामीकरण करने की बात करती है।

'महाराष्ट्र में मुगल भी हारे हैं'

शाइना एनसी ने कहा कि कुछ लोग भूल जाते हैं कि उनके दादा-परदादा भी इस देश को हरा नहीं पाए। उन्होंने कहा कि औरंगजेब, अकबर, बाबर या हुमायूं जैसे शासक भी ऐसा नहीं कर सके। यह महाराष्ट्र है, छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती, जहां हिंदवी स्वराज की स्थापना हुई थी। शाइना एनसी ने कहा कि भगवा हमारी पहचान और हमारा गर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं, लेकिन जनता अब ऐसे नेताओं को नकारेगी। उनके मुताबिक अब जाति-धर्म की राजनीति का दौर खत्म हो चुका है और आज की राजनीति सिर्फ काम और प्रदर्शन पर टिकी है।

हरा रंग पर शिंदे का पलटवार

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सहर शेख के मुंब्रा को “हरे रंग” में रंगने वाले बयान पर उन्हें नसीहत दी। शिंदे ने कहा कि मुंब्रा ठाणे जिले का हिस्सा है और ठाणे की पहचान हमेशा से भगवा रंग से जुड़ी रही है, ऐसे में उसमें हरा रंग जोड़ने की बात समझ से परे है।

अमित साटम बोले- सौ बार जन्म…

मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि एआईएमआईएम नेता सौ बार जन्म लेने के बाद भी भगवा रंग तक नहीं पहुंच सकते। उन्होंने कहा कि जलील को महाराष्ट्र की संस्कृति और लोकपरंपराओं को समझना चाहिए। साटम ने कहा कि यह धरती छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, और बालासाहेब ठाकरे जैसी महान हस्तियों की रही है।