7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

दो पक्षों में हुई मारपीट, इसका फायदा उठाते हुए किसी तीसरे ने एक पक्ष पर बनाया दबाव, मांगा 25 हजार, पढि़ए खबर…

तंग आकर पीडि़त ने इसकी शिकायत थाने में की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

2 min read
Google source verification
दो पक्षों में हुई मारपीट, इसका फायदा उठाते हुए किसी तीसरे ने एक पक्ष पर बनाया दबाव, मांगा 25 हजार, पढि़ए खबर...

दो पक्षों में हुई मारपीट, इसका फायदा उठाते हुए किसी तीसरे ने एक पक्ष पर बनाया दबाव, मांगा 25 हजार, पढि़ए खबर...

रायगढ़. खरसिया थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। ऐसे में एक फर्जी पत्रकार इसका फायदा उठाते हुए एक पक्ष से 25 हजार रुपए की मांग कर रहा था। वहीं रुपए नहीं देने पर धारा 307 जुड़वाने व अखबार में खबर प्रकाशित करने की धमकी दे रहा था। इससे तंग आकर पीडि़त ने इसकी शिकायत थाने में की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी मोहन लाल पिता स्व बोधराम पटेल ग्राम छोटे मुड़पार का रहने वाला है। 31 मई को प्रार्थी व गांव के तुलसी दास के बीच मारपीट हो गया था। जिसकी रिपोर्ट दोनों पक्षों के द्वारा थाना खरसिया में की गई है। जहां पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज भी किया है।

Read More : ओवर बर्डन के मामले में चल रही जांच, एसईसीएल के रायगढ़ जीएम सहित दो बड़े अधिकारियों का तबादला

जब मामले की जानकारी खुद को पत्रकार बताने वाले मदनपुर निवासी टंकेश्वर राठौर को हुई तो वह मोहनलाल से बेवजह दबाव डालते हुए 25 हजार रुपए की मांग करने लगा। वहीं दूसरे पक्ष के तुलसीदास के नाना बंधूदास के साथ सांठगांठ कर रुपए के लिए दबाव बनाने लगा। वहीं रुपए नहीं देने पर थाने में धारा 307 लगवाकर जेल भिजवाने तथा बड़ा केस बनवाकर अखबार में खबर प्रकाशित करवाने की धमकी देने लगा। ऐसे में प्रार्थी ने इसकी शिकायत एसडीओपी खरसिया व खरसिया टीआई से की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 385 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

हाल ही में हुआ है जिला बदर
आरोपी टंकेश्वर राठौर के खिलाफ खरसिया थाने में लूटपाट, बलवा, मारपीट जैसे कई संगीन अपराध दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अधीक्षक द्वारा न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। जहां आरोपी के अपराधों का विश्लेषण कर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया है। वहीं बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा एवं जशपुर जिले से बाहर जाने का आदेश पारित किया गया है।