
CG News: पियक्कड़ों के लिए एसपी बंगला के ठीक सामने आत्मानंद स्कूल का मैदान शराब पीने के लिए शेफ जोन साबित हो रहा है। यहीं कारण है कि रात होते ही इस मैदान पर शराबियों की महफिल जमती है। रात भर यहां शराबखोरी हो रही है। सुबह होने पर बच्चे और उनके अभिभावक जब स्कूल पहुंचते हैं तो उन्हें स्कूल का द्वार बाद में पहले शराब की बोलत, डिस्पोजल पहले नजर आता है।
इसकी शिकायत अभिभावक स्कूल प्रबंधन से और स्कूल प्रबंधन पुलिस से कर चुके हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई शून्य ही है। यहीं कारण है कि यह मैदान मौजूदा समय में मयखाना बन गया है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर कार्रवाई किया जाना है, लेकिन यह निर्देश कागजों तक ही सीमित है। पियक्कड़ इन दिनों शराबखोरी के लिए सेफ जोन के रूप में स्वामी आत्मानंद नटवर स्कूल के मैदान को समझ रहे हैं।
यहीं कारण है कि यहां रात होते ही शराबियों की महफिल लगना शुरू हो जाता है। यहां शराबी बिन भय के शराबखोरी करते हैं और चले जाते हैं। CG News यह शराबी शराब पीने के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल के बाहर बने पैठा का उपयोग बैठकी के लिए करते हैं। इस पैठा पर शराब के साथ अन्य सामान रखते हैं।
शराबखोरी के बाद शराबी वे बोलत, डिस्पोजल व अन्य सामान वहीं बिखरा कर चले जाते हैं। सुबह होने पर अभिभावक जब बच्चों को छोड़ने स्कूल पहुंचते हैं तो उन्हें स्कूल का द्वार बाद में पहले शराबियों के द्वारा छोड़ी गई गंदगी नजर आती है। इस बात की शिकायत अभिभावक स्कूल प्रबंधन से कर चुके हैं। इसके बाद भी किसी प्रकार से कार्रवाई नहीं हो रही है।
खास बात यह है कि स्वामी आत्मानंद स्कूल शहर के बीच में है। इस स्कूल के एक ओर एसपी का बंगला है तो दूसरी ओर एसपी का दफ्तर है। जहां 24 घंटे पुलिस की उपस्थिति रहती है। इसे बाद भी स्कूल मैदान पर हो रही शराबखोरी पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि एसपी आफिस व एसपी बंगला के पास इस तरह की स्थिति है तो अन्य जगहों पर इससे और भी ज्यादा स्थिति खराब होगी।
सुखनंदन पटेल, टीआई, कोतवाली थाना प्रभारी: पुलिस की टीम लगातार पेट्रोलिंग करती है। सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी करने वाले लोगों पर कार्रवाई भी की जा रही है। इस तरह की बात है तो पुलिस संबंधित स्थान पर शराबखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
CG News: इस संबंध में जब स्कूल के शिक्षकों से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि इस तरह की स्थिति कमोबेश हर दिन रहती है। इससे बच्चे ही नहीं बल्कि शिक्षिक भी असहज महसूस करते हैं। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों के माध्यम से पुलिस प्रशासन से भी की जा चुकी है। इसके बाद भी लंबे समय बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
Published on:
05 Oct 2024 02:43 pm
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