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नवदुर्गा प्लांट में हादसा, लेबर की मौत, कंपनी के अधिकारी शव को अस्पताल में छोड़कर भागे

कंपनी प्रबंधन द्वारा घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को सुबह में दी गई। इसके बाद करीब 50 की संख्या में मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने कंपनी के अंदर धावा बोल दिया।
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 18 Jun 2018, 12:06 PM IST

नवदुर्गा प्लांट में हादसा, लेबर की मौत, कंपनी के अधिकारी शव को अस्पताल में छोड़कर भागे

नवदुर्गा प्लांट में हादसा, लेबर की मौत, कंपनी के अधिकारी शव को अस्पताल में छोड़कर भागे

रायगढ़. नवदुर्गा प्लांट में हाईवा की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी जब कंपनी के अधिकारियों को हुई तो वे सकते में आ गए। उसके बाद आनन-फानन में मृतक के शव को अस्पताल में छोड़कर भाग गए। वहीं कंपनी प्रबंधन द्वारा सुबह में फोन की घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी गई। घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ऐडुकला छाल निवासी मुरलीधर निषाद पिता मुनकुराम निषाद ५६ वर्ष सराईपाली स्थित नवदुर्गा प्लांट में ठेकेदार के अंडर में लेबर का काम करता था। १७ जून की रात्रि भी वह काम पर था। पुलिस ने बताया कि रात्रि करीब ०२ बजे के आसपास प्लांट के अंदर ही हाईवा वाहन में मटेरियल लोड कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। तभी मुरलीधर निषाद हाईवा के पीछे खड़ा था। उसी समय हाईवा के चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए हाईवा को बेक कर दिया। जिससे हाईवा के पीछे खड़ा मुरलीधर उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अस्पताल में छोड़ा शव
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी जब कंपनी के अधिकारियों को हुई वे सकते में आ गए। वहीं किसी अनहोनि की आशंका से मृतक के शव को आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर आए और शव को छोड़कर फरार हो गए। सुबह जब मरच्यूरी में रखे शव को पीएम करने के लिए डॉक्टर उसके परिजनों व रिश्तेदारों को ढूंढ रहे थे, जोकि उसे अस्पताल लेकर आए थे।

मृतक के परिजनों को सुबह में दी जानकारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी प्रबंधन द्वारा घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को सुबह में दी गई। इसके बाद करीब ५० की संख्या में मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने कंपनी के अंदर धावा बोल दिया। वे दस लाख रुपए मुआवजा व शव को अस्पताल से लाने की मांग कर रहे थे। घंटों तक कंपनी अंदर अधिकारियों से बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को सात लाख रुपए दिया गया। इसके बाद मामला शांत हुए और मृतक के परिजन अस्पताल शव लेने पहुंचे।

क्या कहते हैं टीआई
इस संबंध में जब पूंजीपथरा टीआई विरेन्द्र चंद्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि १७ जून की सुबह में गांव वालों से घटना की सूचना मिली थी। इस पर मैं जब कंपनी पहुंचा तो मृतक के परिजन व अन्य ग्रामीण कंपनी अंदर प्रवेश कर मुआवजे की मांग कर रहे थे। जोकि मुआवजा मिलने के बाद वापस चले गए। इस मामले में कोतवाली से शून्य में मर्ग कायम कर डायरी मेरे आएगी तो इस मामले में सुरक्षा की दृष्टि व अन्य मानकों के तहत जांच कर हाईवा चालक व कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाएगा। अभी कोतवाली से डायरी आने में समय है।