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Video- वकील हो गए हैं नाराज, कह रहे एडीएम न्यायालय के प्रकरण की सुनवाई में नहीं होंगे शामिल, जानें क्या है वजह…

मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की गई है। एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान वकील और एडीएम के बीच वाद-विवाद हो गया था।
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 10 Jul 2018, 5:07 PM IST

वकील हो गए हैं नाराज, कह रहे एडीएम न्यायालय के प्रकरण की सुनवाई में नहीं होंगे शामिल, जानें क्या है वजह...

वकील हो गए हैं नाराज, कह रहे एडीएम न्यायालय के प्रकरण की सुनवाई में नहीं होंगे शामिल, जानें क्या है वजह...

रायगढ़. एडीएम व वकील के बीच हुआ विवाद अब और तुल पकड़ लिया है। इस मामले में वकीलों ने मोर्चा खोलते हुए एडीएम न्यायालय में चल रहे प्रकरण की सुनवाई नहीं करने का फैसला लिया है। वहीं इस मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की गई है। एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान वकील और एडीएम के बीच वाद-विवाद हो गया था। इस बात को लेकर वकील नाराज चल रहे हैं।

एडीएम के साथ हुए विवाद को लेकर अधिवक्ता संघ मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे थे। जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं वकीलों ने बताया कि बीते गुरुवार को एडीएम न्यायालय में एक प्रकरण की सुनवाई चल रही थी। इस सुनवाई के लिए वकील पुसीलाल अपने पक्षकार की ओर से न्यायालय पहुंचे थे। इस दौरान अपील के एक प्रकरण को लेकर सुनवाई चल रही थी।

वकीलों ने बताया कि अपील के प्रकरण को लेकर जब अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा तो नियमों को लेकर एडीएम व वकील के बीच वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। यह विवाद काफी बढ़ गया और चिल्ला-चिल्ली में बदल गई।

इस घटना से आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए थे। हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हो गया। वहीं मामला शांत होने के बाद वकील पुसीलाल ने इस घटना की जानकारी अधिवक्ता संघ को दी। वहीं संघ के द्वारा इस बात को लेकर सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव तो पारित किया ही गया, वहीं जब तक एडीएम के द्वारा माफी नहीं मांगी जाती तब तक उनके न्यायालय में चल रहे प्रकरणों की सुनवाई में शामिल नहीं होने का फैसला भी किया, वहीं घटना को लेकर वकीलों ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है।

पहले भी हो चुकी घटना
कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में इस बात का उल्लेख भी किया गया है। कलेक्टोरेट के अनुविभागीय व तहसील कार्यालय में राजस्व प्रकरणों की सुनवाई शामिल होते हैं। इस दौरान राजस्व न्यायालय के अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा वकीलों की उपेक्षा की जाती है, वहीं कई बार दुव्र्यवहार भी किया जाता है। इस बात की शिकायत भी पत्र के माध्यम से की जा चुकी है।

एडीएम के द्वारा किया गया व्यवहार अशोभनीय है। इस बात को लेकर संघ के द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं मामले को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। जब तक इस प्रकरण में माफी नहीं मांगी जाती, तब तक एडीएम न्यायालय में चल रहे प्रकरणों की सुनवाई शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया है- राजेंद्र पांडेय, सचिव, अधिवक्ता संघ