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फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पर लिखा मैसेज, मेरा आज अंतिम दिन और कुछ दिनों बाद हुआ ऐसा

उसके पिता सारंगढ़ के गोड़म स्थित स्कूल में शिक्षक है। कुछ सालों से शुभम अपनी मां व छोटे भाई के साथ जूटमिल के कालिंदी हाइट में किराए के मकान में रह कर इंडियन स्कूल में कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रहा था। करीब दो सप्ताह पहले शुभम स्कूटी लेकर स्कूल गया था।
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रायगढ़

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Karunakant Chaubey

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Updated: 6 Oct 2019, 9:49 PM IST

फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पर लिखा मैसेज मेरा आज अंतिम दिन और कुछ दिनों बाद हुआ ऐसा

फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पर लिखा मैसेज मेरा आज अंतिम दिन और कुछ दिनों बाद हुआ ऐसा

रायगढ़. जूटमिल क्षेत्र में रहने वाले नाबालिग छात्र की पुसौर के कांदागढ़ स्थित केलो नदी में सड़ी-गली अवस्था में लाश मिली है। पुलिस ने बताया कि छात्र ने कुछ दिन पहले अपने फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पेज पर लिखा था कि मेरा आज अंतिम दिन है मुझे ढूंढना मत। इसके बाद नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट कोतवाली में की गई थी।

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पुलिस नाबालिग की पतासाजी कर ही रही थी और उसकी लाश मिली। घटना की रिपोर्ट पर पुसौर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक शुभम कुर्रे पिता रामाधर कुर्रे (15) के परिवार वाले मूलत: सारंगढ़ के रहने वाले थे।

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उसके पिता सारंगढ़ के गोड़म स्थित स्कूल में शिक्षक है। कुछ सालों से शुभम अपनी मां व छोटे भाई के साथ जूटमिल के कालिंदी हाइट में किराए के मकान में रह कर इंडियन स्कूल में कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रहा था। करीब दो सप्ताह पहले शुभम स्कूटी लेकर स्कूल गया था।

चूंकि वह नाबालिग था, ऐसे में उसके शिक्षकों ने उसे स्कूटी लेकर आने पर फटकार लगाई थी और उसे दोबारा स्कूटी लेकर न आने की समझाइश देते हुए घर भेज दिया गया था। 27 सितंबर को शुभम की मां और उसका छोटा बेटा सारंगढ़ जा रहे थे। ऐसे में शुभम को उसकी मां यशोदा ने अपनी बहन के घर इंदिरा नगर में छोड़ दिया था। इसके बाद शुभम दो दिनों तक स्कूल नहीं गया।

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29 सितंबर की रात शुभम अपने मौसी के बेटे के साथ उसकी दुकान के पास खड़ा था। इसके बाद वह कहीं चला गया और उसी समय अपने फेसबुक और इंस्ट्राग्राम पेज में मैसेज लिखा कि आज उसका अंतिम दिन है उसे कोई मत ढूंढना। जब शुभम नहीं दिखा तोउ सके मौसी का बेटा हितेश व अन्य उसकी पतासाजी में जुुट गए। वहीं सोशल साइट में उसका मैसेज भी देखा गया। इसके बाद इसकी सूचना शुभम की मां को दी गई।

मोबाइल को कयाघाट के पास फेंका

शुभम की पतासाजी के लिए पुलिस ने उसके मोबाइल का लोकशन ढूंढने के लिए साइबर सेल को दिया। जब पुलिस ने उसका लोकेशन निकाला तो वह जूटमिल क्षेत्र के ही कयाघाट, विश्वासगढ़ चर्च के पास व वहीं की नर्सरी के पास दिखा रहा था, ऐसे में पुलिस को लगा कि शुभम अपने घर वालों को परेशान कर रहा है और वह शहर में ही है।

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दो-तीन दिन परेशान होने के बाद पुलिस को जब मोबाइल धारक मिला तो पता चला कि वह कयाघाट में रहने वाला मजदूर है। उसने पुलिस को बताया कि 30 सितंबर को वह कयाघाट स्थित केलो नदी शौच करने गया था, तभी उसे नदी के पानी के पास मोबाइल मिला। ऐसे में वक्त मोबाइल पर वह अपना सिम लगा कर चला रहा था। मोबाइल मिलने की जानकारी उसने अपने वार्ड पार्षद को दी थी। वहीं वार्ड पार्षद ने ही शुभम के परिजनों को इसकी जानकारी दी, तब वे स्वयं पुलिस के पास आए थे।

मौत को लेकर बना है संशय

शुभम की मौत कैसे हुई यह अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। क्योंकि वह इंदिरा नगर से पैदल निकला था और उसकी लाश करीब 20 किमी दूर पुसौर के कांदागढ़ स्थित केलो नदी में मिली है। पुलिस का मानना है कि लाश पानी में बह कर वहां पहुंची होगी। लेकिन मृतक के शरीर में पेंट तक नहीं था, ऐसे में पुलिस उलझन में फंसी हुई है कि उसकी मौत कैसे हुई। फिलहाल पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का खुलासा होगा।