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एम्स के एग्जाम में छत्तीसगढ़ के इन होनहार स्टूडेंट्स ने किया कमाल, जानिए इनकी सफलता की कहानी इन्ही की जुबानी

एम्स की ओर से देशभर की 807 सीट के लिए एंट्रेस एग्जाम के नतीजे सोमवार को जारी कर दिए गए
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 19 Jun 2018, 5:18 PM IST

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एम्स के एग्जाम में छत्तीसगढ़ के इन होनहार स्टूड़ेंट्स ने किया कमाल, जानिए इनकी सफलता की कहानी इन्ही की जुबानी

रायपुर. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) की ओर से देशभर की 807 सीट के लिए एंट्रेस एग्जाम के नतीजे सोमवार को जारी कर दिए गए। भिलाई की सौरभी झा एआइआ 165 के साथ टॉप पर रही वहीं राजधानी के पुलकित ने एआइआर 190 हासिल की है।


गंगवाल फैमिली के लाडले पुलकित को बंधाइयों का तांता लगा हुआ है। उन्होंने बताया मैंने रायपुर एम्स का एक्सपेकटेशन किया था लेकिन अब सिचुएशन ये है कि दिल्ली छोडक़र बाकी सब जगह सीट मिल जाएगी। मेरी फस्र्ट प्रायोरिटी जोधपुर एम्स होगा। तैयारी के संबंध में पुलकित ने बताया, बॉयोलॉजी, केमेस्ट्री के लिए एनसीइआरटी बुक से स्टडी की। वहीं हायर लेबल के लिए एससी वर्मा को पढ़ा।

दो साल से सोशल मीडिया से दूरी बनाकर चला। मैंने दसवीं से ही तय कर लिया था कि मेडिकल के फील्ड में जाना है। इसलिए साइंस स्ट्रीम लेकर बॉयोलॉजी को चुना। हालांकि मैंने दसवीं में ही काउंसलर से बात की थी। उन्होंने मुझे मेडिकल सजेस किया था। एमबीबीएस जर्नल डिग्री है। मुझे एमडी कर न्यूरोसर्जन बनना है। जेइइ और एम्स के फिजिक्स-केमेस्ट्री के सवाल के पैटर्न एक टाइप के रहते हैं। इसलिए मैंने पिछले साल के जेइइ के सवालों को एक बार सॉल्व किया था। एम्स के लिए चार पेपर देने होते हैं।

इसमें आपकी परसेंटाइल बॉयोलॉजी में मिले माक्र्स पर डिसाइड होती है। इसे एम्स का नॉर्मेलाइजेशन कहा जाता है। केम्स्ट्री मेरा प्ल्स प्वाइंट रहा जबकि जीके कमजोर था। जीके मजबूत करने के लिए मैंने रोज न्यूज पेपर पढऩा शुरू किया। साथ ही टाइम मेनेजमेंट बहुत जरूरी है। क्योंकि फिजिक्स लेंदी होता है। इसमें टाइम खप जाता है। नीट और एम्स में फर्क ये है कि इसमें असोश्न रीजन टाइप के सवाल पूछे जाते हैं।

न्यूरोसर्जनन


चेतन ने बताया कि जनवरी तक प्रैक्टिस की। इसके बाद मॉक पेपर दिए। टेस्ट पेपर में प्रेक्टिस करता रहा। छठवीं से ही इस फील्ड में आने की प्लानिंग कर ली थी। क्योंकि पापा थे मेडिकल फील्ड इसलिए उनका सपोर्ट शुरू से मिलता रहा।

माता - दिप्ति झा

भिलाई की सौरभी झा ने इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 165 हासिल की है। इस तरह वह स्टेट में टॉपर हैं। सौरभी के दादा-दादी रायपुर में रहते हैं। वे बताती हैं मैं 5वीं में थी। पापा और मैं बैठकर बात कर रहे थे, तभी उन्होंने पूछा, बड़ी होकर क्या बनोगी। मैंने झट से कहा, डॉक्टर। उस वक्त देश में महिला कार्डियक सर्जन के नाम पर कोई नाम नहीं था। मैंने इरादा किया, इस कमी को दूर करना है। उसी वक्त ठान लिया। कार्डियोलॉजी में महारत हासिल करूंगी। सौरभी ने बताया कि इस एआइआर से एम्स भोपाल में प्रवेश मिल जाएगा।

काउंसिलिंग 3 जुलाई से

मेरिट लिस्ट के अनुसार अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। पहली काउंसिलिंग 3 से 6 जुलाई, दूसरी 2 अगस्त को और तीसरी 4 सितंबर को होगी। जबकि ओपन काउंसलिंग 27 सितंबर को होगी।