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नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में हुए शामिल- केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से की 2659 करोड़ की राशि जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया- कोयला एवं अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन का किया आग्रह
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रायपुर

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Ram Dayal Sao

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Updated: 27 May 2023, 9:33 PM IST

नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Raipur. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैठक से संबंधित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर अपनी बात रखी। इस मौके पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे।

बैठक के एजेंडे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2047 का विकसित भारत, टीम इंडिया की भूमिका पर कहा देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण बनाए रखने में राज्यों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों का सम्मान करे और उसके हिस्से के संसाधनों को भी हस्तांतरित करने की प्रणाली को और मजबूत बनाए। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में ग्रामीण एवं कुटीर क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के संसाधनों को स्थानीय स्तर पर उपयोग किए जाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं कुटीर औद्योगिक नीति 2023-24 की घोषणा की गयी है।

उन्होंने कहा एनएमडीसी द्वारा राज्य में स्थित इकाइयों को 25-30 प्रतिशत आयरन ओर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समुचित आयरन ओर राज्य की इकाइयों के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ के एमएसएमई उद्योगों को एसईसीएल से विगत 2-3 वर्षों से राज्य की आवश्यकता अनुरूप कोल नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कार्यवाही कर छत्तीसगढ़ का हित सुरक्षित करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया आदिवासी अंचल बस्तर में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए विगत चार वर्षों में लगभग 9 हजार करोड़ रूपए पूंजी निवेश हेतु एमओयू किए गए हैं। इनमें से इस्पात उद्योगों के लिए प्रतिवर्ष 3 मिलियन टन आयरन ओर की आवश्यकता होगी। उन्होंने अनुरोध किया कि इन इस्पात संयंत्रों की उत्पादन क्षमता के अनुरूप आयरन ओर आरक्षित रखा जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विशेष प्रोत्साहन अंतर्गत एनएमडीसी द्वारा आयरन ओर की दर में भी 30 प्रतिशत छूट दी जाए।

इसके साथ ही उन्होंने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शीघ्र शुरू करने व समन्वय हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति का अनुरोध भी किया। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के साथ ही 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को हरित गतिविधियों के रूप में मान्य करते हुए वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन व्यपवर्तन से छूट प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं व शिशुओं की देखभाल के सभी कार्यक्रमों के लिए एकीकृत एमआईएस प्रणाली होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत केंद्र-राज्य वित्त पोषण का हिस्सा 75:25 करने का अनुरोध किया।