
CG Ajab-Gajab: कसडोल नगर में एक नया विवाद सुनने में आया है। जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। दरअसल, नगर में एक नया भाड़ा विवाद शुरू हुआ है। इसके केंद्र में 100 पति-पत्नी हैं, जिन पर आरोप है कि वे साथ रहकर भी सरकार से डबल हाउस रेंट (गृहभाड़ा) ले रहे हैं।
बता दें कि बीईओ ने तकरीबन 4 महीने पहले ही ऐसे परिवारों के लिए आदेश जारी किया था, जहां पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं। इनसे कहा गया था कि दोनों अगर साथ रहते हैं तो विभाग को सूचना दें। अब इनमें से किसी एक को ही भाड़ा दिया जाएगा।
बताते हैं कि कोई सामने नहीं आया, जबकि ब्लॉक में अब भी 100 शिक्षक-शिक्षिकाएं (CG Ajab-Gajab) ऐसे हैं जो साथ रहकर भी डबल रेंट ले रहे हैं। ऐसे में सर्वदलीय नागरिक कल्याण समिति ने बीईओ पर ही अनियमितता के आरोप लगा दिए हैं। समिति के अध्यक्ष राजेश कन्नौजे का कहना है कि आदेश निकले 4 महीने बीत गए। साथ रहने वाले शिक्षक पति-पत्नियों को अब तक डबल रेंट दिया जा रहा है।
आदेश निकालकर भी लगातार डबल रेंट दिलवाने के पीछे सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि बीईओ ने शिक्षकों के तबादले में भी काफी अनियमितता की है। दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाओं को केवल निजी स्वार्थ की वजह से मूल शाला से दूसरी जगह भेज दिया गया। इससे पहले भी करीब 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए इसी तरह की व्यवस्था की गई थी।
इधर, शिक्षकों के अभाव में कई गांवोें के स्कूलों में बच्चोें का भविष्य अधर में लटका पड़ा है। इसके अलावा मनमाने तरीके से मेडिकल लीव मंजूर करके भी सरकार को आर्थिक रूप से क्षति पहुंचाई जा रही है। समिति का कहना है कि सरकार को चूना लगाकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बीईओ के खिलाफ 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन होगा।
कसडोल बीईओ रमाकांत देवांगन ने पत्रिका को बताया कि कसडोल ब्लॉक में 53 एकल शिक्षक स्कूल हैं। 8 स्कूल शिक्षक विहीन हैं। मैंने पिछले सत्र और इस सत्र को मिलाकर यहां 16 शिक्षकों की व्यवस्था की। (CG Ajab-Gajab) मेडिकल लीव की जहां तक बात है तो फिट-अनफिट देखकर और उपस्थित के आधार पर ही वेतन बनाया जाता है।
मकान भत्ते को लेकर वरिष्ठ कार्यालय के दिशा निर्देशों पर मैंने ही नियम निकाला। मैंने किसी तरह का नियम विरुद्ध काम नहीं किया है। मेरे खिलाफ शिकायत हुई है तो जांच होने के बाद सब साफ हो जाएगा। जांच में मैं सही निकला तो समिति को मानहानि का लीगल नोटिस भेजूंगा।
CG Ajab-Gajab: समिति ने बीईओ की शिकायत कलेक्टर दीपक सोनी से की। इसके बाद एसडीएम भूपेंद्र अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है। टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सबमिट करने कहा गया है। इधर, एसडीएम के आदेश के तत्काल बाद मौके पर पहुंचे जांच अधिकारियाें ने कुछ लोगों के बयान लिए हैं। माना जा रहा है कि मामले में जल्द कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
Published on:
31 Aug 2024 01:59 pm
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