
CG Alert: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में वैवाहिक सीजन के शुरू होते ही बैंड-बाजा और बारात पर जीएसटी विभाग पैनी नजर रखे हुए है। इस साल थोक के हिसाब से 25 जून 2025 तक होने वाली शादियों को देखते हुए सेंट्रल के साथ ही स्टेट जीएसटी की टीम सक्रिय हो गई है।
CG Wedding: विवाह के दौरान होने वाले बेहिसाब खर्च को देखते मैरिज पैलेस, इवेंट कंपनी, कैटर्स और अन्य सेक्टरों के टर्नओवर और जमा कराए जा रहे टैक्स को जांच के दायरे में लिया गया है। प्रदेशभर में करीब 4 लाख और रायपुर जिले में होने वाले 10 हजार विवाह में 5500 लग्जरी होने का अनुमान लगाया गया है। इसके चलते हर सेक्टर में जमकर खरीदी हो रही है।
महंगी शादियों में टैक्स चोरी करने और बिलिंग में हेराफेरी को देखते हुए वेडिंग सेक्टर से जुडे लोगों को हिसाब रखने कहा गया है। जांच के दौरान पकड़े जाने पर ब्याज और जुर्माना सहित टैक्स की राशि वसूल करने के निर्देश दिए गए है। बता दें कि वैवाहिक और अन्य सामानों की खरीदी पर 3 से 18 फीसदी निर्धारित किया गया है। खरीदारी के बाद इसका भुगतान करने के बाद भी अधिकांश इवेंट मैनेजमेंट से जुडे़ लोग जीएसटी विभाग को अदा नहीं करते। टैक्स की हेराफेरी करने के लिए कच्चे में लेन-देन होता है।
इस समय बाजार में वैवाहिक सामानों की खरीदी के साथ ही नवंबर और दिसंबर के लिए अभी से मैरिज गाडर्न, बैंड-बाजा, कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट की बुकिंग शुरू हो गई है। इसमें अधिकांश बडे आयोजन बताए जा रहे है। इसमें दूसरे राज्यों की इवेंट कंपनी भी शामिल है।
इसे देखते हुए उन कंपनियों के संबंध में मैरिज गार्डन संचालकों से जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि उन लोगों को राहत मिलेगी जो वेडिंग पैकेज के तहत शादी करेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से अलग-अलग टैक्स नहीं देना पड़ेगा। बल्कि पैकेज के तहत एक बार में टैक्स देना होगा।
वैवाहिक सीजन को देखते हुए खाद्य सामग्री, होटल, वैवाहिक भवन से लेकर बैंड से लेकर अन्य सामानों की कीमतों में 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। इसके बाद भी विवाह का मुहूर्त देखते हुए लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि ग्रेंस, तेल सब्जी और कुछ अन्य सामानों की कीमतें कुछ बढ़ी है। इसके बाद भी लगातार अच्छा उठाव हो रहा है। जीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी पर नजर रखने के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है।
होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्रियों पर नियमानुसार जीएसटी निर्धारित किया गया है। ग्राहकों से इसकी वसूली करने के लिए कच्चा बिल दिया जाता है। इसके जरिए हेराफेरी कर जीएसटी की चोरी होती है। वहीं भुगतान के बाद इसकी एंट्री तक नहीं की जाती। इसकी शिकायत मिलने के बाद बडे़ होटल और रेस्टोरेंट की जांच करने कहा गया है।
सेंट्रल जीएसटी अबु सामा आयुक्त ने कहा की बिना ई-वे बिल सामानों का परिवहन करने और जीएसटी चोरी करने वालों पर नजर रखने स्पेशल टीम बनाई गई है। शिकायत मिलने पर जांच करने और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
Published on:
22 Nov 2024 11:40 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
