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CG Electricity News: छत्तीसगढ़ के सरकारी बिजली कनेक्शनों के लिए नया नियम, हर निकाय में बनेगा प्री-पेड नोडल अधिकारी

Government Electricity Connection: छत्तीसगढ़ में सरकारी बिजली कनेक्शनों के लिए प्री-पेड बिलिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। सभी नगरीय निकायों को नई व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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CG Electricity

CG Electricity: 30 जून तक के बकाया का किस्तों में होगा भुगतान(photo-patrika)

CG Electricity News: छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी बिजली कनेक्शनों की बिलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नगरीय निकायों के लिए प्री-पेड बिजली प्रणाली लागू कर दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देश जारी कर 1 अगस्त से लागू प्री-पेड बिलिंग व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि लापरवाही के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है और पेयजल, स्ट्रीट लाइट या अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं तो संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी तय की जाएगी।


CG Prepaid Electricity System: 30 जून तक के बकाया का किस्तों में होगा भुगतान

सरकार ने 30 जून तक लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए भी नई व्यवस्था तय की है। पुराने बकाए का भुगतान आगामी चार तिमाहियों में समान किस्तों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सभी नगरीय निकायों को पहले अपने बकाया बिलों का सत्यापन कर निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

जरूरी सेवाओं की बिजली बाधित नहीं होनी चाहिए

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का असर नागरिक सुविधाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सेवाओं के बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने चाहिए। इसके लिए निकायों को समय पर रिचार्ज और बैलेंस की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर माह देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

सभी नगरीय निकायों को हर महीने की 5 तारीख तक राज्य शहरी विकास अभिकरण की एनर्जी ऑडिट शाखा को अनुपालन रिपोर्ट भेजनी होगी। रिपोर्ट में कुल बिजली कनेक्शन, प्री-पेड ग्रुप आईडी, नोडल अधिकारी का विवरण, बकाया राशि, भुगतान, आगामी तिमाही की रिचार्ज राशि और उपलब्ध बैलेंस जैसी जानकारी शामिल होगी।

पहले चरण में बड़े सरकारी कार्यालय शामिल

विभाग के अनुसार पहले चरण में विकासखंड स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी कार्यालयों को स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्री-पेड बिलिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके बाद विकासखंड स्तर से नीचे के सरकारी कार्यालयों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

हर निकाय में बनेगा प्री-पेड नोडल अधिकारी

नई व्यवस्था के संचालन और निगरानी के लिए प्रत्येक नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में एक प्री-पेड नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नगर निगम में यह जिम्मेदारी आयुक्त, जोन आयुक्त, उपायुक्त या कार्यपालन अभियंता को सौंपी जा सकती है, जबकि नगर पालिका और नगर पंचायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे। संबंधित अधिकारी की जानकारी सीएसपीडीसीएल को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

अग्रिम रिचार्ज से ही जारी रहेगी बिजली आपूर्ति

प्री-पेड प्रणाली में बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए निकायों को अगली तिमाही की अनुमानित बिजली खपत के अनुसार अग्रिम रिचार्ज कराना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिचार्ज या भुगतान में देरी के कारण बिजली कनेक्शन कटने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

अब बिल नहीं, बैलेंस प्रबंधन होगा अहम

नई व्यवस्था में नगरीय निकायों को केवल बिजली बिल का भुगतान ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से प्री-पेड बैलेंस की निगरानी भी करनी होगी। सरकार का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन के साथ शहरी सेवाओं की निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए निकायों को तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।