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मेडिकल छात्रों के लिए खुशखबरी! 22 सितंबर से नया सेशन शुरू, सरकारी व निजी कॉलेजों में प्रवेश जारी

CG Medical Colleges: छात्रों के लिए खुशखबरी! प्रदेश के 14 मेडिकल और 7 डेंटल कॉलेजों में 22 सितंबर से नए सत्र की शुरुआत, एमबीबीएस की 200 सीटें बढ़ीं।

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मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में 22 सितंबर से नया सेशन (Photo source- Patrika)

मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में 22 सितंबर से नया सेशन (Photo source- Patrika)

CG Medical Colleges: मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में नए सेशन की शुरुआत 22 सितंबर को होगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जहां 90 प्रतिशत एडमिशन हुए हैं, वहीं निजी में केवल 20 फीसदी छात्रों ने प्रवेश लिया है। सरकारी डेंटल कॉलेज में 35 फीसदी तो निजी में 25 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं। इसलिए नया सेशन खाली क्लास से शुरू होगा।

दरअसल प्रदेश में केवल पहले राउंड की काउंसलिंग हुई है। इसलिए कॉलेजों में पूरा एडमिशन नहीं हो पाया है। फस्ट Z ईयर में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी व बॉयो कैमेस्ट्री जैसे कोर विषयों की पढ़ाई होती है। प्रदेश के 14 मेडिकल कॉलेजों व 7 डेंटल कॉलेजों में 22 सितंबर से नए सत्र की शुरुआत होगी। ये तिथि एनएमसी व डीसीआई ने तय की है। सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 542 सीटें खाली है।

CG Medical Colleges: कॉलेजों में एमबीबीएस की 200 सीटें बढ़ी

इन सीटों को भरने के लिए 13 सितंबर से दूसरे राउंड की काउंसलिंग शुरू हुई है, जो शनिवार को खत्म भी हो गई। 700 में बीडीएस की 396 सीटें खाली है। एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार क्लास शुरू करना अनिवार्य है। जो छात्र बाद में आएंगे, वे पहले के छात्रों से सीखेंगे या उनके लिए अतिरिक्त क्लास लगाने की कोई योजना नहीं होती। प्रदेश में 23 अगस्त को पहले राउंड की काउंसलिंग पूरी हो गई थी। हालांकि देशभर में एमबीबीएस की सीटें बढ़ने के कारण काउंसलिंग स्थगित कर दी गई थी। प्रदेश में भी तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 200 सीटें बढ़ी हैं।

82 प्रतिशत सीटें स्टेट कोटे की 15 फीसदी ऑल इंडिया के लिए

CG Medical Colleges: प्रदेश के सरकारी मेेडिकल कॉलेजों में 82 फीसदी सीटें स्टेट कोटे की होती हैं, जो केवल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है। वहीं निजी कॉलेजों में 42.5-42.5 फीसदी सीटें स्टेट व मैनेजमेंट की तथा 15 फीसदी सीटें एनआरआई कोटे के लिए आरक्षित है। स्टेट, मैनेजमेंट व एनआरआई कोटे की सीटों को भरने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग काउंसलिंग कराता है। जबकि 15 फीसदी ऑल कोटे की सीटें दिल्ली से भरी जाती हैं। वहीं 3 फीसदी सेंट्रल पुल की सीटें केंद्र सरकार भरती हैं।