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उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 51 गांवों के लोग वाहन से पहुंचे गरियाबंद

सामुदायिक वन संसाधन दावा प्रक्रिया को क्षेत्र में लागू करने मांग की
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रायपुर

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Gulal Prasad Verma

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Updated: 20 Jan 2021, 4:44 PM IST

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 51 गांवों के लोग वाहन से पहुंचे गरियाबंद

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 51 गांवों के लोग वाहन से पहुंचे गरियाबंद

मैनपुर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 51 गांवों के हजारों महिला-पुरुष मंगलवार को टै्रक्टर, मोटरसाइकिल, पिकअप सहित अन्य वाहनों से गरियाबंद जिला मुख्यालय पहुंचे। साथ ही जिला कार्यालय व वन मंडलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र को ज्ञापन सौंप कर सामुदायिक वन संसाधन दावा प्रक्रिया को क्षेत्र में लागू करने मांग की। वहीं, क्लेक्टर निलेश सिंह क्षीरसागर ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही करने की बात कही।

यह है मामला
उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासी नेता टीकम नागवंशी, अर्जुन सिंह नायक ने बताया कि अनुसूचित जनजाति व अन्य परंपरागत वननिवासी वन अधिकारों की मान्याता अधिनियम 2005 तथा संशोधन नियम 2012 के तहत धारा 3 (1) झ में ग्रामसभा को अपने पारम्परिक सीमा के जंगल का संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन का अधिकार की मान्यता दी गई है। यह प्रकिया गरियाबंद तथा धमतरी जिला के ग्राम सभाओं को भी मान्यता दी गई है, परन्तु सीतानदी उदन्ती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में ग्राम सभा को मान्यता नहीं दे रहे हैं। ग्राम सभा के लोग दावा तैयार करते हैं तो विभाग के कर्मचारियों द्वारा दावा का स्थल सत्यापन रिपोर्ट नहीं देते है। उसका कारण टाइगर रिजर्व का कोर एरिया होना बताया जाता है और मना भी किया जाता है। साथ ही उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस क्षेत्र को कोर एरिया में होने की बात मौखिक रूप से बताते हुए यह कानून लागू नहीं होने की बात कही जाती है। लेकिन वन अधिकार कानून में इस प्रकार दिया है कि संकटपूर्ण वन्य जीव आवास स्थल, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में वन अधिकार कानून लागु है, जो कियान्वयन मार्गदर्शिका के पृष्ठ क्रमांक 79 में उल्लेख किया है।

आदेश के बाद भी नहीं लिया संज्ञान
आदिवासी नेता टीकम नागवंशी, अर्जुन सिंह नायक ने बताया कि आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर के द्वारा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लागू करने के लिए दिसम्बर 2020 को आदेश पत्र भेजा है, लेकिन मामले को संज्ञान मे ंनहीं लिया गया। ग्राम सभा के प्रतिनिधियों को वन अधिकार कानून टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ग्राम पंचायत साहेबिन कछार 7365 मामिल लागू नहीं होगा। इस प्रकार मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया है। सभी मांगों को लेकर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के हजारों लोगों ने मांग की है कि सीतानदी उदन्ती टाइगर रिजर्व एरिया में ग्राम सभाओं को वन अधिकार कानून के तहत धारा 3 (1) झ के अंर्तगत संरक्षण, संवर्धन व प्रबंधन का अधिकार के लिए दावों के प्रक्रिया नहीं करना चाहते, पर लिखित में देंने की मांग की। वहीं, दावा प्रक्रिया चालू करने, कोर एरिया के दावों का सत्यापन कार्य विभाग द्वारा किया जाने से सदस्यों को दोनों प्रकिया मंजूर होने इन सब बातों को लिखित में देने की मांग करते क्षेत्र के लोग अड़े रहे।

कलेक्टर ने दिया आश्वासन
उदंती क्षेत्र के रहवासियों की मांगों को सुनते हुए कलेक्टर निलेश सिंह क्षीरसागर व वन अफसर मौके पर पहुंचे। जहां ग्रामीणो को आश्वासन देते हुए सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही करने की बात कही है।
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने वालों में अर्जुन सिंह नायक, टीकम नागवंशी, वीरसिंह मरकाम, रूपसिंह मरकाम, दीपक मंडावी, नारायण मरकाम, पुस्तम मांझी, गोपाल नेताम, महेश नागवंशी, दीपचंद ओंटी, रूपेश मसीह, मायाराम कपिल, टीकम सिंह मांझी, पुस्तम नेताम, तुलाराम नेताम, कार्तिकराम नेताम, बलमत पोर्टी, बैजनाथ नेताम, कार्तिक नायक, लोचन यादव, रघुराम पटेल, नीलम नेताम, भुजबल मरकाम, अगिन यादव, मधुर सिंह ओटी, कुंवरसिंह ओटी, सरपंच मेचका विमला ध्रुव, नवागांव ऋषि ओटी, सरपंच ठेनही सिरधन सोम, वन समिति तुमड़ीबहार, सुशील ध्रुव, रतनलाल, बरसन, तोरण लाल पुजारी, तुलाराम नेताम, संतोष मरई, जितेेन्द्र बोरझ, सहदेव, तोरण लाल, फूलसिंह नेताम सहित अभयारण क्षेत्र गरियाबंद व धमतरी जिले के 51 ग्रामों के प्रमुखजन शामिल रहे।