
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में भादो की एक झड़ी से निगम प्रशासन की व्यवस्था तार-तार हो गई। सड़कें, मोहल्ले और कॉलोनियां लबालब हो गईं। कचरे से नालियां जाम हो जाने से पानी निकासी बंद। आफत ऐसी कि शहर के सैकड़ों घरों के किचन तक पानी भरने से चूल्हे नहीं जले। जिस समय शहर के लोग आफत में घिरे रहे उस दौरान निगम के जिम्मेदार गहरी नींद में थे। सुबह नींद टूटी तो अमले को सक्रिय किया और एक हजार से ज्यादा घरों में नाश्ते के पैकेट बांटे।
CG News: ऐसी मुसीबत से लोगों को बचाने के लिए ही निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने टिकरापारा वर्कशॉप में बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ शुरू कराने और उसमें 24 घंटे तीन-तीन शिफ्टों में अपर आयुक्त से लेकर स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, जोन कमिश्नरों की ड्यूटी लगाने का दावा किया। परंतु उसकी सच्चाई कहीं दूर-दूर तक नजर नहीं आई। निगम के बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ केवल पानी भरने की सूचना ही दर्ज की गई। तत्काल पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। बड़ी और छोटी नालियां कचरे से जाम हो जाने से पानी निकासी बंद हो गई थी और गंदा पानी घरों के अंदर तक भरा। प्रोफेसर कॉलोनी समेत दर्जनों मोहल्लों में घुटने से ऊपर तक पानी भरा था।
रायपुर स्मार्ट सिटी पूरी तरह से पानी-पानी हो जाने की नौबत को देखते हुए निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने जिन लोगों के घरों के चूल्हे नहीं चले, वहां भोजन, और नाश्ते के पैकेट भिजवाने की व्यवस्था की। 500 पैकेट कुशालपुर, बंजारीनगर के आसपास बांटे।
सोमवार को रातभर रुक-रुक कर हुई तेज बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। जयस्तंभ चौक समेत मोहल्लों और कॉलोनियों में लोगों के घरों के घरों में पानी भरा। जोन 3 के आनंद विहार कालोनी, जोन 9 में अवंति विहार कालोनी, कविता नगर क्षेत्र, वीवी विहार, जोन 5 में कुशालपुर, बंजारीनगर, जोन 6 में प्रोफेसर कालोनी राधास्वामी नगर, सुभाषनगर क्षेत्र, अंतरराज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव क्षेत्र, जोन 9 के चंडी नगर, ब्रम्हदेव नगर एवं 10 के वीआईपी रोड क्षेत्र के लोगों को रतजगा करना पड़ा।
गुढ़ियारी, एक्सप्रेस-वे सड़क स्टेशन, आमानाका, फाफाडीह, पंडरी मोवा जैसी जगहों पर अंडरब्रिज निर्माण रेलवे और पीडब्ल्यूडी ने कराया है। ताकि लोगों को आवाजाही में सुविधा हो। परंतु ये सभी अंडरब्रिज ऐसी लबालब की दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर बाद आवाजाही की स्थिति बनी।
शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी निगम के सभी 10 जोन के कमिश्नरों के साथ ही मुख्यालय में स्वास्थ्य अधिकारी के तौर पर तृप्ति पाणिग्रही को दिया गया है। जिन्हें नाले-नालियों की सफाई कराकर पानी निकासी दुरुस्त रखना था, परंतु केवल खानापूर्ति की सफाई के नाम पर हर महीने करोड़ों रुपए ठेकेदारों के बिल भुगतान ही किए जाते रहे।
Updated on:
11 Sept 2024 11:36 am
Published on:
11 Sept 2024 11:35 am
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