
PWD Daily Wage Employees: PWD के सैकड़ों दैनिक श्रमिकों ने उठाई मांग(photo-patrika)
PWD Daily Wage Employees: छत्तीसगढ़ में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के समायोजन का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। वन विभाग में समायोजन की पहल के बाद अब लोक निर्माण विभाग (PWD) के दैनिक श्रमिकों ने भी इसी तरह की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। दैनिक श्रमिक कल्याण संघ ने शासन से इस संबंध में जल्द पहल करने का आग्रह किया है।
संघ का कहना है कि PWD में लंबे समय से सैकड़ों दैनिक श्रमिक कार्यरत हैं और वे समायोजन के साथ नियमित वेतनमान की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव और विभागीय सचिव को औपचारिक पत्राचार भी किया गया है।
दैनिक श्रमिक कल्याण संघ लोक निर्माण विभाग का कहना है कि विभाग में लंबे समय से बड़ी संख्या में दैनिक श्रमिक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों के समायोजन और नियमित वेतनमान को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। संघ ने अब इस दिशा में प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासन से औपचारिक पहल करने का आग्रह किया है।
संघ के मुताबिक, दैनिक श्रमिकों की समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री, मुख्य सचिव और लोक निर्माण विभाग के सचिव को औपचारिक पत्राचार किया गया है। इसमें कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समायोजन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी गई है।
दैनिक श्रमिक कल्याण संघ PWD के प्रदेश अध्यक्ष सोमनाथ साहू ने कहा कि जिस तरह राज्य शासन की ओर से वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों के समायोजन की पहल की गई है, उसी तर्ज पर लोक निर्माण विभाग के दैनिक श्रमिकों के लिए भी कदम उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने शासन से आग्रह किया है कि PWD में लंबे समय से काम कर रहे दैनिक श्रमिकों की स्थिति पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संघ का कहना है कि वर्षों से विभागीय कार्यों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी व्यवस्था और नियमित वेतनमान मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
PWD के दैनिक श्रमिकों की मांग सामने आने के बाद अब कर्मचारियों की नजर शासन के अगले कदम पर है। संघ को उम्मीद है कि वन विभाग की तर्ज पर लोक निर्माण विभाग में भी समायोजन को लेकर कोई ठोस पहल की जाएगी। दैनिक श्रमिकों का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग के विभिन्न कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर शासन स्तर से विचार कर जल्द उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
Updated on:
4 Sep 2026, 1:59 PM IST
Published on:
4 Sep 2026, 1:58 PM IST
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