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CGPSC का बड़ा फैसला, निरस्त किया चयन, फिर से होगा डॉक्टर का इंटरव्यू, पत्रिका की खबर का असर

CGPSC Doctor Selection Cancelled: सीजीपीएससी ने कार्डियक एनीस्थीसिया विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चयनित बिना डिग्री वाले डॉक्टर का चयन निरस्त कर दिया है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 5 Jun 2026, 7:56 AM IST

CGPSC Interview

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (Photo Patrika)

रायपुर @पीलूराम साहू। CGPSC: सीजीपीएससी ने कार्डियक एनीस्थीसिया विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चयनित बिना डिग्री वाले डॉक्टर का चयन निरस्त कर दिया है। पीएससी के अवर सचिव ने गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पीएससी ने पत्र में इस बात को स्वीकारा है कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अभ्यर्थी चयन में वरीयता देने में तकनीकी त्रुटि हुई है।

पत्रिका ने भी डीएम की पढ़ाई कर रहे डॉक्टर के चयन पर सवाल उठाए थे। अब फिर से इंटरव्यू होगा, जिसमें बिना डिग्री वाले डॉक्टर का चयन मुश्किल होगा। पत्रिका ने 3 जून के अंक में योग्य डॉक्टर बाहर, बिना डिग्री वाले छात्र पर पीएससी मेहरबान तथा 4 जून को डिग्रीधारी कार्डियक एनेथेटिस्ट ने पीएससी सचिव से पूछा-किस आधार पर बिना डिग्री वाले का चयन हेडिंग से समाचार प्रकाशित किया है।

CGPSC Recruitment Controversy: खबर छपने के बाद हरकत में आए अधिकारी

पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद पीएससी के आला अधिकारी हरकत में आए और उन्हें अभ्यर्थी के चयन में तकनीकी त्रुटि नजर आई। जब ट्रांजिक्शन नियमों को खंगाला गया तो उन्हें अपनी गलती का एहसास भी हुआ और समाचार प्रकाशित होने के दो दिन में चयन निरस्त कर दिया। पीएससी के पत्र के अनुसार डॉ. अनिल गुप्ता का चयन निरस्त किया गया है। पत्र में ये भी लिखा गया है कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वरीयता देने में तकनीकी त्रुटि पाई गई है। इसलिए अब नए सिरे से इंटरव्यू कर चयनित अभ्यर्थी की अलग से सूचना दी जाएगी।

पहली बार कार्डियक एनेस्थेटिस्ट की हो रही भर्ती

बता दें कि मेडिकल कॉलेजों में पहली बार कार्डियक सर्जरी विभाग में एनीस्थीसिया के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हुई भर्ती में पीएससी ने 1 जून को इंटरव्यू लिया। इसी दिन चयन सूची जारी की गई। चयन सूची चौंकाने वाली थी, क्योंकि इसमें उस डॉक्टर का चयन किया गया है, जो एम्स में डीएम कार्डियक एनीस्थीसिया की पढ़ाई कर रहा है। यानी उनके पास डीएम की डिग्री भी नहीं है।

डिग्रीधारी कार्डियक एनेस्थेटिस्ट ने पीएससी के सचिव से मुलाकात कर नियमों का हवाला देते हुए चयन सूची पर आपत्ति जताई थी। नियमानुसार उनका चयन होना था, लेकिन नहीं किया गया। उनके पास कार्डियक एनीस्थीसिया में डीएनबी की डिग्री है। यही नहीं पांच साल का अनुभव भी है। ऐसे में ट्रांजिक्शन पीरियड के नियम के अनुसार भी उनका ही चयन होना था, लेकिन ऐसा नहीं कर पीएससी ने नियमों का घोर उल्लंघन किया है।

विभाग के एचओडी ने लिया था अभ्यथीZ का इंटरव्यू

इस मामले में गंभीर बात ये है कि पीएससी ने इंटरव्यू बोर्ड में एम्स के एनीस्थीसिया विभाग के एचओडी को शामिल कर लिया, जिनके अंडर डॉक्टर डीएम की पढ़ाई कर रहा है। यह नियम का उल्लंघन है। आरोप है कि एचओडी व छात्रों के संबंधों के कारण ही डीएम की पढ़ाई कर रहे छात्र को 100 में 65 नंबर दिया गया है। वहीं डीएनबी डिग्री वाले व 5 साल के अनुभव वाले डॉक्टर को केवल 45 अंक मिले। इस पर भी खासी चर्चा है कि पीएससी ने किस नियम के तहत छात्र के एचओडी को इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किया।