
सावधान: अगर छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशन में हैं तो खतरे में हैं आपकी जान, आतंकी के धमकी के बाद भी नहीं है सुरक्षा के इंतज़ाम
रायपुर . राजधानी रेलवे स्टेशन (Raipur Railway Station) की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। ऐसा हम इस लिए कह रहे है क्योंकि यहां सुरक्षा (No security) के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है। देश के अत्याधुनिकतम स्टेशनों में शुमार होने वाले रायपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को लेकर यहां के जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सवाल तो यही है कि क्या हादसे हो जाने के बाद इनकी नींद टूटेगी ?
तीनों गेट पर कोई सुरक्षा नहीं
रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने के लिए बनाए गए तीनों गेट बाकायदा खुले रहते हैं। यहां कोई देखने वाला नहीं है। चाहे जो आए या जाए। कभी -कभार ही यहां सुरक्षा बल के जवानों के दर्शन होते हैं। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि इस अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। गेट नंबर-1 पर 1 मेटल डिटेक्टर लगा है। उसी के बगल ही लगेज स्कैनर भी लगा है। गोदाम के पास एक मेटल डिटेक्टर लगा है। ख़ास बात यह है कि ये मुहरत में चलते है यानि कभी चालू रहता है तो कभी बंद।
डॉग स्क्वाड़ भी नहीं
रेलवे स्टेशन पर न तो डॉग स्क्वाड़ की टीम थी और न ही सुरक्षाबलों के जवान। ऐसे में रेलवे स्टेशन और वहां से गुजरने वाले कितने सुरक्षित होंगे? यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि नक्सल प्रभावित राज्य की राजधानी में ये रेलवे स्टेशन है। जहां तमाम राज्यों के लोग यहां आते और जाते हैं।
जैश-ए-मोहम्मद ने दी धमकी
दुर्ग, भोपाल, इटारसी समेत देश के 11 रेलवे स्टेशनों और छह राज्यों के मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (jaish e mohammed terrorists) ने दुर्ग सहित देश के कई स्टेशनों को बम से (Saveral many railway station) उड़ाने की धमकी दी है। धमकी भरे लेटर मिलने के बाद प्रदेश में हाई अलर्ट (High Alert in chhattisgarh) जारी कर दिया गया है।
पहले भी शहर में पकड़ाए थे आतंकवादी
कुछ साल पहले राजधानी के ही राजातालाब और संजयनगर से एसटीएफ की टीम ने दर्जन भर सिमी के आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। सुंदरनगर में भी बड़ी तादाद में नक्सली पकड़ाए थे। गुढ़ियारी में एक महिला नक्सली पकड़ाई थी। 2009 के आसपास बब्बर खालसा का एक आतंकवादी भी यहीं से गिरफ्तार हुआ था।
सामानों की भी जांच करने वाला कोई नहीं
स्टेशन के ठीक बगल ही मालगोदाम है। वहां पूरी राजधानी से लाए गए सामानों को बाहर भेजा जाता है। तो वहीं पूरे देश से रेल के माध्यम से रायपुर आने वाला सामान यहीं उतारा जाता है। जहां सामान लावारिश हालत में पड़ा रहता है। वहां भी कोई सुरक्षा नहीं रहती।
प्रशासन को करना होगा सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम
जिस रफ़्तार से आतंकी संगठन सक्रिय हो रहे हैं और अब आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चिट्टी मिलना यह कोई बड़ा हादसा का संकेत देता है। समय रहते पुलिस और सरकार को पब्लिक प्लेस में मजबूत और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की जरुरत है।
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Updated on:
18 Sep 2019, 4:04 PM IST
Published on:
17 Sep 2019, 9:11 PM IST
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