1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ के इस गांव में रहस्यमयी बिमारी से हो चुकी है 112 मौत, वजह जानकर डॉक्टर भी हुए हैरान

गरियाबंद के इस गांव में किडनी की इस बिमारी से हो चुकी है सैकडो मौत वजह है पानी में मिश्रित खतरनाक धातुएं

less than 1 minute read
Google source verification
kidney disease

छत्तीसगढ़ के इस गांव में रहस्यमयी बिमारी से हो चुकी है 112 मौत, वजह है प्रदूषित पानी

रायपुर . किडनी की रहस्यमय बीमारी से प्रभावित गरियाबंद के सुपेबेड़ा गांव में प्रशासन ने जिस बोरिंग में आर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगाया है, वह सूख गए हैं। एेसे में करीब 64 लाख रुपए के उस प्लांट का मकसद ही खतरे में पड़ गया है।

READ MORE: किडनी पीड़ित गर्भवती महिला ने बच्चे को दिया जन्म, डॉक्टर बोले - चमत्कार से कम नहीं

वह पंप दोपहर में शुरू हो पाता है। एेसे में लोग फिर से पुराने पंपों का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिसके पानी में खतरनाक धातुएं हैं। पत्रिका से बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि उच्च न्यायालय की टीम के लौटने के बाद बोरिंग खोदने वाली एक मशीन फिर से गांव में पहुंची है।

READ MORE: फैमिली जरूरी, लेकिन मरीजों की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं

गांव में अभी 264 मरीज : जांच दल को बताया गया कि गांव में अभी भी 264 मरीज किडनी की बीमारी से परेशान हैं। उसके अलावा बच्चों की त्वचा और दांतों पर भी खतरनाक आर्सेनिक और फ्लोराइड ने असर डाला है। जांच दल ने मरीजों और बच्चों से भी मुलाकात कर उनके ईलाज का विवरण जाना। ग्रामीणों ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दवा नहीं मिलती।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अभी तक 112 लोगों की मौत किडनी की बीमारी से हो चुकी है। सरकार 62 मौतें स्वीकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने लोक सुराज के समय मृतकों के परिजनों को 50 हजार रुपया देने की घोषणा की थी। यह राशि अभी तक नहीं मिली है।