
Remdesivir के क्लिनिकल ट्रायल को दी मंजूरी
रायपुर . प्रदेश में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कमान अपने हाथ में ले रखी है। रोजाना अधिकारियों के साथ हालात पर समीक्षा हो रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को तात्कालिक आवश्यकतानुसार रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की खरीदी की अनुमति जारी कर दी।
बालोद और मुंगेली में आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब खोलने की मंजूरी दी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को मितानियों के माध्यम से दवा बांटे जाने का आदेश दिया।
Read More : दो बच्चियों को पिंडदान करते देख भावुक हुए लोग, कोरोना ने छीना पिता का साया
मुख्यमंत्री ने अपने निवास से वर्चुअल बैठक में प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। जिनमें महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल थे। ये वे जिले हैं जहां संक्रमण दर 4 से 14 प्रतिशत के बीच है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को कहा कि वे इस बात का ध्यान रखें कि लॉकडाउन के दौरान आम जनता को कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर वाले बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की सप्लाई चैन, ऑक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता और रोटेशन, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता समेत कई अहम बिंदुओं पर समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य रेणु जी. पिल्ले, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, श्रम सचिव अंबलगन पी., सम्बंधित संभाग के कमिश्नर, आईजी, इन सभी 11 जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
Read More : राजधानी अस्पताल अग्निकांड : संचालकों को नहीं ढूंढ सकी पुलिस, इधर, प्रबंधन ने दूसरी जगह इलाज शुरू करने मांगी अनुमति
क्या है स्टेंसिल पेंट
यह एक प्रकार के छप्पे होते हैं या सांचें होंगे। जिसमें सूचना लिखी होगी, उसे दिवार पर रखा जाएगा, उसके ऊपर पेंट किया जाएगा। सांचे हटाने के बाद संदेश दिवार पर लिख जाएगा। इसके डिजाइन के लिए स्वास्थ्य विभाग को आदेशित किया गया है।
3 अहम फैसले-
1- ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को मितानिनों के माध्यम से वितरित की जाएंगी दवाईयां, स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा कोरोना किट।
2- बालोद और मुंगेली में आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब को मंजूरी
3- कोविड मरीजों के घरों में पोस्टर की जगह स्टेंसिल पेंट कर लिखी जाएगी सूचना। क्योंकि पोस्टर फट जाते हैं या फिर फाड़ दिए जाते हैं।
लक्ष्य निर्धारित-
संक्रमण दर 5 प्रतिशत से नीचे लगाने की कवायद। अभी राज्य की संक्रमण दर 28 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि यह स्थिर है।
जनप्रतिनिधि होम आईसोलेशन मरीजों से बात करें-
बैठक में शामिल स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है। कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ, सीईओ और संभव हो तो जनप्रतिनिधि प्रतिदिन 10-10 मरीजों से टेलीफोन पर संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी लें। उपचार में सहायता करें। इससे व्यवस्था में सुधार होगा।
हर से आने वाला कोई भी टेस्टिंग से न बच पाए-
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल्वे स्टेशनों, बस स्टैंड और अंतर्राज्यीय सीमाओं के खासकर एंट्री प्वाइंट पर ही कड़ाई से टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए। ताकि बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति टेस्टिंग से न छूटे। बाहर से आने वाले लोगों का टेस्टिंग के बाद रिपोर्ट के आधार पर क्वारंटाइन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर में रखा जाए।
Published on:
20 Apr 2021 10:06 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
