
पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, बोले- हर हाल में पूरा करना होगा ये मांग
रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आज कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यक्रर्ताओं ने मुंह में काली पट्टी बांधकर पुलिस कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए मंगलवार दोपहर 3 बजे के बाद रैली निकालकर गृह मंत्री से मिलने जा रहे थे।
इस दौरान पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नगर निगम मुख्यालय के पास बेरिकेट्स लगाकर रोक दिया। कुछ देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं शांत हो गए। हालांकि प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी।
पुलिस कर्मियों की मांगों को कांग्रेस पार्टी अपना समर्थन दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुंह में काली पट्टी बांधकर कांग्रेस भवन से गृह मंत्री निवास तक पैदल मार्च कर विरोध जताया।
गृहमंत्री निवास जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस प्रशासन ने नगर निगम के पास बेरिकेट्स लगाकर रोका। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विकास उपाध्याय ने कहां कि रमन सरकार पुलिसकर्मियों को कानून का भय दिखाकर डराने की कोशिश न करें पुलिसकर्मी मजबूर नहीं है कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है उनकी मांगों को संवेदना पूर्वक तत्काल पूरा किया जाए।
यह है पुलिस कर्मियों की 11 प्रमुख मांगें
1. राज्य के सभी तृतीय वर्ग के पुलिस कर्मचारियों के वेतन एवं भत्ते केंद्र सरकार के तृतीय वर्ग कर्मचारियों की तरह दिए जाएं।
2. राज्य के सभी तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के आवास की समुचित व्यवस्था उपलब्ध बल के अनुरूप की जाए।
3. शासकीय कार्य हेतु वर्तमान में सायकल भत्ता दिया जा रहा है,उसे पेट्रोल भत्ता करते हुए कम से कम 3000 रुपये दिया जाए।
4. पुलिस किट व्यवस्था को मध्यप्रदेश की तरह बंद कर किट भत्ता दिया जाए।
5. ड्यूटी के दौरान मरने वाले कर्मचारी को शहीद का दर्जा देते हुए मध्यप्रदेश की तरह 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि व परिवार के 1 सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
6. अवकाश की पात्रता को अन्य विभागों की तरह अनिवार्य किया जाए और सप्ताह में एक दिन छुट्टी निश्चित की जाए ।
7. अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार के मुफ्त इलाज की व्यवस्था प्रदान की जाए।
8. अन्य विभागों की तरह पुलिस के ड्यूटी करने का समय 8 घंटे निश्चित किया जाए और निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए।
9. नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक के सुरक्षा उपकरण जैसे बुलेट प्रूफ जैकेट व अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाये।
10. मध्य प्रदेश पुलिस की तरह वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन दिया जाए,पुलिस जवान को उसके सेवाकाल में कम से कम तीन प्रमोशन अनिवार्य रूप से किए जाएं।
11. छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारियों के ग्रेड-पे में अंतर है,पटवारी का ग्रेड पे 2400, नर्सिंग स्टाफ का ग्रेड-पे 2800 और आरक्षकों का ग्रेड-पे 1900 है,पुलिस जवानों का ग्रेड-पे भी 2800 होना चाहिए ।
Published on:
19 Jun 2018, 6:32 PM IST
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