
कोरोना संक्रमण के बीच नवरात्रि पर्व.
रायपुर. जब देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) लगा था तो सभी मंदिरों के दरबाजे कई महीनों तक भक्तों के लिए बंद हो गए थे। एक बार फिर कोरोना विस्फोट के कारण वैसी ही स्थिति बनी है। 13 अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व (Navratri Festival) के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों के दरवाजे भक्तों के लिए बंद रहेंगे। उनकी मनोकामना ज्योत भी नहीं जलेगी। देवी मंदिरों में अब केवल प्रधान ज्योत जलेगी और पुजारी ही पूजा अभिषेक कर भक्तों के लिए मंगल कामनाएं करेंगे। लोग अपने घरों में ही सुबह-शाम मातारानी की पूजा -आरती कर नवरात्रि पर्व मनाएंगे।
अभी तक देवी मंदिरों में जोरशोर से नवरात्रि पर्व की तैयारियां चल रही थी। मनोकामना ज्योत के लिए पंजीयन किए जा रहे थे। जिला प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब तो पूरा रायपुर जिला 9 से 19 अप्रैल तक लॉकडाउन रहेगा। इसी बीच 13 अप्रैल से नवरात्रि पर्व प्रारंभ। लेकिन, कोरोना की रफ्तार को देखते हुए मंदिर समितियों ने भक्तों की मनोकामना ज्योत नहीं जलाने का निर्णय लिया है।
क्योंकि नौ दिनों तक 24 घंटे ज्योत कलश की देखरेख करने में बाहर से सेवादारी बैगा परिवारों को बुलाना पड़ता है। भक्तों को भी बारी-बारी से दर्शन कराना पड़ता। जो कोरोना के गहरे संकट के कारण संभव नहीं हो रहा है। ऐसे में जितने लोगों ने अभी तक मनोकामना ज्योत का पंजीयन कराया था, उसे अगले शारदीय नवरात्र पर्व के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। पिछले साल चैत्र नवरात्रि पर्व की ही आस्था ज्योत इस बार के शारदीय नवरात्रि में प्रवज्लित की गई थी।
ज्योत पंजीयन करना भी बंद
राजधानी के प्रमुख सिद्धपीठ महामाया मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सचिव ललित तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने सख्त गाइड लाइन जारी किया है। सभी तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसका पालन करते हुए भक्तों की मनोकामना ज्योत नहीं, केवल प्रधान ज्योत ही प्रज्वलित करने की परंपरा पूरी करेंगे। गुुरुवार से मनोकामना ज्योत का पंजीयन भी बंद कर दिया जाएगा। इसी तरह रावाभाठा बंजारी धाम, आकाशवाणी कालीमाता मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
Updated on:
12 Apr 2021 09:06 am
Published on:
08 Apr 2021 01:56 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
Sawan Special: सावन में बदल जाता है छत्तीसगढ़ का स्वाद! फलाहार से लेकर देसी व्यंजनों तक की खास कहानी

