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Dial 112: छत्तीसगढ़ में डॉयल 112 को मिलेगी 400 नई गाड़ियां, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शुभारंभ

Dial 112: प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम की शुरुआत होगी।

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Dial 112 in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में डॉयल 112 को मिलेगी 400 नई गाड़ियां (photo Patrika)

Dial 112: इमरजेंसी नंबर डॉयल 112 को 400 नई गाडि़यां मिलेंगी। इसके साथ यह सुविधा पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। सभी 33 जिलों के लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में यह सुविधा 18 जिलों में चल रही थी। सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसका शुभारंभ करेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉयल 112 के जरिए लोगों को पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें नई गाडि़यां शामिल होने से रिस्पांस टाइम भी कम होगा। इसके अलावा ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में भी पुलिस और एंबुलेंस की मदद पहुंच सकेगी।

Dial 112: गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शुभारंभ

खासकर बस्तर संभाग के जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। डॉयल 112 के वाहनों में कैमरे सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।

फॉरेसिंक विभाग को भी 32 वाहन

फॉरेसिंक विभाग को भी 32 वाहन मिलेंगे। इससे एफएसएल की टीम को किसी भी स्थान पर तत्काल पहुंचने की सुविधा मिलेगा। इन 32 वाहनों को अलग-अलग जिलों की फॉरेसिंक टीम को दिया जाएगा। नए कानून प्रावधानों के तहत हर घटना में फॉरेसिंक टीम को मौके पर पहुंचना है।

पुरानी गाडि़यां खराब, मेटेंनेंस भी नहीं

रायपुर में डॉयल 112 की 52 गाडि़यों सहित प्रदेश भर में करीब 300 गाडि़यां थीं। इन वाहनों का समय पर मेटेंनेंस नहीं कराया गया और न ही किसी तरह का ध्यान दिया गया। इसके चलते अब ये वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। अधिकांश गाडि़यां थानों और पुलिस कार्यालयों में खड़ी हैं। इनके कई पार्ट्स खराब हो चुके हैं।

विवादित रहा है डॉयल 112 का संचालन

डॉयल 112 का संचालन शुरू से विवादित रहा है। पहले टाटा कंपनी और एबीपी इसका संचालन कर रही थी। बाद में टाटा ने काम छोड़ दिया। एबीपी इसका संचालन करने लगी। इस बीच इसके संचालन के लिए नई कंपनी की टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें महाराष्ट्र की कंपनी एल वन हो गई थी, लेकिन इस बीच कुछ दस्तावेजों में कमियां निकल गई। इसके चलते उसे हटा दिया गया। एबीपी ही इसका संचालन करती रही। इसके बाद सरकारी कंपनी सीडैक को आईटी का काम दिया गया। वाहनों के संचालन का ठेका जीवीके को मिला है।

प्रदेश के सभी 33 जिलों में होगा शुरू

प्रदेश में संचालित डायल 112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।