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एकता कपूर और डायना हेडेन को ममता का सुख देने वाली डॉ. नंदिता बोलीं- एआई से एडवांस हुई आईवीएफ टेक्नोलॉजी

Effect Of AI On IVF Technology : इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ी है। यह टेक्नोलॉजी अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है।
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रायपुर

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Aakash Dwivedi

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Updated: 2 Oct 2023, 5:54 PM IST

एकता कपूर और डायना हेडेन को ममता का सुख देने वाली डॉ. नंदिता बोलीं- एआई से एडवांस हुई आईवीएफ टेक्नोलॉजी

एकता कपूर और डायना हेडेन को ममता का सुख देने वाली डॉ. नंदिता बोलीं- एआई से एडवांस हुई आईवीएफ टेक्नोलॉजी

रायपुर . इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ी है। यह टेक्नोलॉजी अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। एआई के जरिए यह तकनीक पहले से बहुत एडवांस हो चुकी है। यह बताया इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. नंदिता पालशेटकर ने। वे आईवीएफ तकनीक से एकता कपूर और डायना हेडेन जैसी हस्तियाें को मां का सुख दे चुकी हैं। वे एक कार्यक्रम में रायपुर आईं थीं। पत्रिका से बातचीत में कहा, जब मैं डॉक्टर बनी, मेरा वास्ता ऐसे लोगों से पड़ा जो बच्चे नहीं चाहते थे, कुछ ऐसे भी थे जिन्हें चाहिए थे। तभी मैंने इस दिशा में काम करना डिसाइड किया।

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लाइफस्टाइल और खानपान अच्छा रखना चाहिए

पुरुषों में शुक्राणु की कमी की समस्या लगातार बढ़ रही है। कपल के गर्भधारण न कर पाने के लिए केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी बराबर के जिम्मेदार हैं। पुरुष बांझपन आमतौर पर शुक्राणुजनन यानी स्पर्मेटोजेनेसिस की समस्याओं के कारण होता है। इस समस्या से बचने के लिए कपल्स को अपनी लाइफस्टाइल और खानपान अच्छा रखना चाहिए।

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क्रिस्पर तकनीक से बच्चे को सीधा किया जा सकता है

जब पेट में बच्चा हो और लगे कि मेंटल डिटाडेशन है तो आईवीएफ के जरिए हम बच्चे की इस प्रॉब्लम को डायग्नोस्ट कर उसे उल्टा से सीधा कर सकते हैं। क्रिस्पर तकनीक से चिकित्सा क्षेत्र में नया बदलाव आएगा। यह तकनीक एक टूल है। इसके जरिए कोशिकाओं तक पहुंचा जा सकता है। डीएनए में मौजूद खराब जीन की पहचान कर उसे निष्क्रिय किया जा सकता है।

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उसे काटकर हटाया जा सकता है। साथ ही अच्छा जीन रिप्लेस भी किया जा सकता है। लेकिन अभी ये लेबोरेटी तक ही सीमित है। चीन में डिजायनर बेबी के जन्म में शामिल तीन शोधकर्ताओं को अवैध तरीके से परीक्षण करने पर जेल की सजा सुनाई गई है। एक सवाल पर डॉ. नंदिता ने बताया कि मुझे इस फील्ड में 30 साल हो गए हैं। आईवीएफ को एमपी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में शामिल कर लिया गया है, जो कि इस तकनीक के भविष्य के लिए बहुत अच्छे संकेत हैं।