
जी-जेन पर फोकस (photo source- Patrika)
राहुल जैन/Chhattisgarh Politics: जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन के बाद राजनीतिक दलों ने जेन-जी की ताकत को नए नजरिए से देखना शुरू कर दिया है। प्रदेश के करीब 1.36 करोड़ किशोर और युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव कर रही हैं। अब पारंपरिक रैलियों और सभाओं के साथ स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सोशल मीडिया को भी राजनीतिक संवाद का प्रमुख माध्यम बनाया जा रहा है, ताकि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई जा सके।
राजनीतिक दल मान रहे हैं कि आने वाले चुनावों में यही पीढ़ी निर्णायक भूमिका में रहेगी। दरअसल, प्रदेश में भी इनका बड़ा प्रभाव है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में (15 से 29 साल) 81 लाख 89 हजार 475 युवा और (10 से 19 साल) 54 लाख 59 हजार 650 किशोर है। यानी करीब 1.36 करोड़ की यह आबादी चुनावी परिणामों की दिशा तय करने की क्षमता रखती है। वर्तमान हालात को देखते हुए भाजपा-कांग्रेस दोनों एक तरह से स्कूल-कॉलेज चलो अभियान चला रहे हैं।
जेन-जी तक बात पहुंचने के लिए बड़े मंचों और लंबी रैलियों की जरूरत नहीं है। अब लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, जिम, खेल मैदान, स्टार्टअप हब और कॉफी कैफे राजनीतिक संवाद के नए केंद्र बनते दिख रहे हैं। इन दलों का आकलन है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय जेन-जी केवल भाषण नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहती है।
-राज्य की करीब 1.36 करोड़ आबादी 10 से 29 वर्ष आयु वर्ग की।
जेन-जी में एक नया ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है कि वो आश्वासन पर ज्यादा भरोसा नहीं रखते हैं। इससे साफ है कि वे किसी मुद्दे लम्बा खींचना नहीं चाहते हैं। जेन-जी रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं, पेपर लीक, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, एआई और नई टेक्नोलॉजी, मेंटल हेल्थ, सिक्याेर इंटरनेट और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर सीधे जवाब चाहती है। उन्हें अब रिजल्ट चाहिए।
भाजपा ने जेन जी को अपने साथ जोड़ने के लिए युवा मोर्चा को आगे किया है। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री यशवंत जैन बताते हैं कि युवाओं को जोड़ने के लिए भाजयुमो ने ज्वाॅइन बीजेवायएम 2026 अभियान चला रहा है। इसकी शुरुआत बस्तर से हो गई है। इसके जरिए कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और युवा पेशेवरों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि युवा पीएम मोदी से स्नेह करते हैं और भाजपा की रीति-नीति से भी जुड़ रहे हैं।
कांग्रेस ने भी रणनीति में बदलाव किए हैं। वो नए सिरे से सोशल मीडिया की टीम बना रही है। कांग्रेस के प्रदेश संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू का कहना है कि सोशल मीडिया की नई टीम में जेन जी और अनुभवी दोनों लोगों को मौका दिया जाएगा। उनका कहना है कि युवा कांग्रेस के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें स्कूल-कॉलेजों में जाकर युवाओं को युवा कांग्रेस का सदस्य बनाया जाएगा।
रील्स का उपयोग: राजनीतिक दल अब इंस्टाग्राम और अन्य हाईटेक प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच रहे।
जन-संवाद व अभियान: कांग्रेस-भाजपा अब स्टूडेंट्स से सीधे संवाद पर जोर दे रहे।
मुख्य मुद्दे: राजनीति का केंद्र अब पारंपरिक पहचान की बजाय रोजगार, शिक्षा, पेपर लीक और पारदर्शिता जैसे मामलों पर।
(स्त्रोत- आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट)
Updated on:
05 Aug 2026 08:05 am
Published on:
05 Aug 2026 08:05 am
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