
लोहा कारोबारियों पर IT की बड़ी कार्रवाई (photo source- Patrika)
IT Raid: आयकर विभाग को लोहा कारोबारियों के 45 ठिकानों पर तलाशी के दौरान करीब 7 करोड़ रुपए नकद और लाखों रुपए की ज्वेलरी मिली है। इसके संबंध में पूछताछ कर बयान लिया जा रहा है। उक्त ज्वेलरी और कैश का हिसाब नहीं देने पर जब्त कर लिया जाएगा। शुक्रवार को दूसरे दिन कारोबारियों के 18 बैंक लॉकर और करोड़ रुपए की अघोषित आय को प्रॉपर्टी में निवेश करने संबंधी दस्तावेज मिले है।
बताया जाता है कि टैक्स चोरी करने के लिए कारोबारी बोगस बिल्डिंग के साथ अधिकांश काम कच्चे में करते थे। फैक्ट्रियों में जांच के दौरान निर्धारित स्टॉक से कई गुना कच्चा, अर्धनिर्मित और निर्मित सामान मिला है। इसे देखते हुए स्टॉक रजिस्टर, लेनदेन, खरीदी-बिक्री और कुल आय-व्यय एवं रिटर्न को जांच के दायरे में लिया गया है। बता दें कि आयकर अन्वेषण विभाग ने 4 दिसंबर को रायपुर, उरला, सिलतरा, सिमगा और तिल्दा स्थित फैक्ट्री, दफ्तर, गोदाम और कारोबारियों के घर की तलाशी ली थी।
आयकर विभाग के अधिकारी आईटी विशेषज्ञों के साथ मिलकर लैपटॉप, कम्प्यूटर, पैन ड्राइव और मोबाइल की जांच कर रहे हैं। बताया जाता है कि उक्त सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में फाइल बनाकर गोपनीय डाटा छिपाकर रखा गया है। वहीं टैक्स चोरी पकड़े जाने के डर से जानकारियों को डिलीट कर दिया गया है। उक्त सभी को आईटी विशेष रिकवर करने में जुटे हुए हैं। टीम दस्तावेजों की छानबीन करने के साथ ही जांच के लिए जब्त कर रही है।
आयकर विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कारोबारियों द्वारा आईटी रिटर्न जमा करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के साक्ष्य मिले हैं। अपनी आय छिपाने के लिए ब्लैकमनी को प्रॉपर्टी में निवेश करने की जानकारी मिली है। इसे देखते हुए कारोबारियों एवं उनके परिजनों से पूछताछ कर पंजीयन विभाग से जानकारी मांगी गई है। बताया जाता है कि इसे बेनामी लोगों के नाम से खरीदी करने की जानकारी मिली है।
IT Raid: तलाशी के दौरान कारोबारियों द्वारा कागजों में फर्जी कंपनी का गठन करने के इनपुट मिले हैं। उक्त शेल कंपनी के जरिए रकम का ट्रांजेक्शन भी किया गया है। वही बड़ी संख्या में बोगस बिल मिले हैं। इसमें ज्यादातर बोगस बिल्डिंग दूसरे राज्य के कारोबारियों के नाम से काटे जाने की जानकारी मिली है। जिनके नाम और फर्म के बोगस बिल मिले हैं। उक्त सभी को जांच के दायरे में लिया गया है। तलाशी पूरी होने पर उक्त सभी के साथ ही छापेमारी की जद में आने वाले कारोबारी के साथ ही लेनदेन करने वालों से पूछताछ होगी।
Updated on:
06 Dec 2025 08:31 am
Published on:
06 Dec 2025 08:31 am
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