
IT Raid in CG: छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयकर विभाग ने राइस मिलरों और ब्रोकरों के ठिकानों से बरामद 3.50 करोड़ रुपए की ज्वेलरी का हिसाब नहीं देने पर सीज कर लिया है। इसमें डायमंड जडि़त प्लेटिनम और सोना-चांदी की ज्वेलरी शामिल है। तलाशी के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपए के टैक्स की गड़बड़ी मिली है। इससे संबंधित लेनदेन, प्रापर्टी, बेनामी संपत्तियों और निवेश के दस्तावेज, कम्प्यूटर, लैपटॉप,इलेक्ट्रानिक डिवाइस को जब्त करने के साथ ही बैकअप लिया गया है।
IT Raid in CG: वही बता दें कि तलाशी पूरी होने के बाद पांचवे दिन रविवार की सुबह आईटी की टीम वापस लौटी। तलाशी के दौरान बरामद बोगस बिलिंग, कच्चे के कारोबार और आय-व्यय के संबंध में राइस मिलरो और ब्रोकरों से पूछताछ कर बयान लिया गया है। वहीं सभी को समंस जारी कर हिसाब मांगा गया है। उपस्थिति दर्ज कराने और दस्तावेजी साक्क्ष्य पेश करने पर उसकी जांच कर टैक्स चोरी का मूल्याकंन किया जाएगा।
बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने 29 जनवरी को राइस मिलरों एवं ब्रोकरों के 25 ठिकानों पर छापे मारे थे, इसमें उनके घर, दफ्तर, गोदाम और काकनीड़ा स्थित पोर्ट का साइडिंग एरिया शामिल था। तलाशी में उनके ठिकानों से 10 करोड़ की ब्लैकमनी , 2.50 करोड़ की ज्वेलरी का हिसाब नहीं देने पर पहले ही सीज किया गया था। वहीं सभी 18 लॉकरों की तलाशी के साथ टैक्स चोरी और कच्चे में काम करने के दस्तावेज को जांच के दायरे में लिया गया था।
राइस मिलरों और ब्रोकरो के पिछले 6 सालो के रेकॉर्ड, स्टॉक और आईटीआर रिटर्न की फाइलों को जांच के दायरे में लिया गया है। यह कर चोरी राइस मिलरों और ब्रोकर के ठिकानों से मिले नान टेक्सेबल कैश ट्रांजेक्शन पेपर्स को मिलाकर है। वियतनाम और अफ्रीकी देशों में गैर-बासमती चावल का निर्यात करने वाले समूह का टर्नओवर करीब 2000 करोड़ रुपए है।
इसमें से 1600 करोड़ रुपए का कारोबार कच्चे में करने के इनपुट मिले है। यह सारा खेल छत्तीसगढ़ में धान खरीदी कच्चे में करने के बाद मिलिंग कर पक्के में चावल का एक्सपोर्ट के जरिए किया जा रहा था। अपनी आय को छिपाने के लिए बोगस बिलिंग कर आय से अधिक खर्च करना दिखा रहे थे।
आयकर विभाग की टीडीएस शाखा ने ट्रांसपोर्टर और पाॅवर कंपनी संचालक के पंडरी स्थित दफ्तर में तलाशी के बाद समंस जारी किया है। इसमें कुल आय-व्यय और टीडीएस का ब्योरा मांगा है। इसके दस्तावेजों के साथ टीडीएस दफ्तर में उपस्थिति दर्ज कराने कहा गया है। बता दें कि आईटी के टीडीएस विंग ने ट्रांसपोर्टर और पॉवर कंपनी संचालकों के 2 ठिकानों में 1 फरवरी को दबिश देकर सर्वे किया था। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर दोनों के संचालकों से हिसाब मांगा गया है।
Updated on:
03 Feb 2025 12:22 pm
Published on:
03 Feb 2025 08:20 am
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