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बढ़ रहा पीलिया का प्रकोप इसके बावजूद नहीं हटाई जा रही नालियों से पेयजल की पाइपलाइन

राजधानी में पीलिया से ग्रसित मरीजो की संख्या बढक़र 250 हो गई है
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 16 May 2018, 11:20 AM IST

Naharpara Jaundice

Jaundice in Naharpara

रायपुर . पेयजल के साथ गंदगी जाने का सिलसिला थमा नहीं है, इसलिए पीलिया प्रभावितों के आंकड़े घटने के वजाए
[typography_font:14pt]रह -रहकर बढ़ रहा है। हाईकोर्ट की फटकार के बावजूद नालियों से गुजरने वाली पाइप लाइन को बाहर निकालने का कार्य नहीं किया गया है।

[typography_font:14pt;" >काम के नाम पर अभी सिर्फ 21 करोड़ की राशि का आवंटन किया गया है। न टेंडर हुआ है न ही काम शुरु हुआ है। फिर भी निगम के अधिकारियों का कहना है कि सभी जगहों पर खोज-खोज कर इन लाइनों को ऊपर किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कहीं परे है। यही वजह है कि पीलिया के मरीजों की संख्या 250 से अधिक हो गई है। जिनमें से 20 से अधिक मरीज गंभीर हैं।

राजधानी के 10 से अधिक क्षेत्रों में पीलिया के मरीज पिछले डेढ़ माह से देखने को मिल रहे हैं। इसके एवज में नहरपारा के संदर्भ में कोर्ट के सख्त रवैये के बाद निगम ने केवल इसी क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से साफ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई, जबकि निगम के अधिकारी जल स्तर गिरने वाली जगहों में भेजे गए टैंकरों को भी इसी से जोडक़र अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं नहरपारा क्षेत्र के लोग भी टैंकरों के पहुंच से परे होने की वजह से पानी भरने से कतरा रहे हैं और नल के पानी को ही साफ मानकर उसके पानी को उबाल कर उपयोग में ला रहे हैं।

चार वर्ष पूर्व पीलिया से अपनी पत्नी को खो चुके मनोज देवांगन द्वारा लगाई गई मुआवजे की याचिका पर हाइकोर्ट ने छठी मौत के बाद रोजाना सुनवाई करने का फैसला लिया था। जिसके बाद समय के साथ निगम की आेर से हालात को नियंत्रण में होने के दावे को देखते हुए कोर्ट ने निश्चित अंतराल में सुनवाई करने का फरमान सुनाया था। सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने बताया कि मंगलवार को निर्धारित सुनवाई को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया और इसकी सुनवाई बुधवार की जाएगी। इसमें निगम के अधिकारी पूरे प्रकरण पर अपनी पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

लगभग डेढ़ माह से फैली यह आपदा रामकुंड, रामनगर, चंगोराभाठा, कांपा-नहरपारा, प्रेमनगर, लोधी पारा, दुर्गानगर, आमासिवनी, कुकुरबेड़ा, सरोना तक ही सीमित रहा, जबकि मंगलवार को काल के गाल में समाने वाले धमधा एसडीएम का ताल्लुक प्रोफेसर कॉलोनी से था। एेसे में अब प्रोफेसर कॉलोनी भी प्रभावित क्षेत्र में शामिल हो गया है। वहीं इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रभावित नहरपारा कांपा क्षेत्र है। जहां से अब तक सर्वाधिक 5 मौतें हुई हैं और 130 से अधिक लोग इस आपदा से ग्रसित हैं।

- 5 मौंते हुई है अब तक सर्वाधिक नहरपारा कांपा क्षेत्र में

जोन-2 के आयुक्त विनोद देवांगन ने कहा कि हम प्रभावित क्षेत्रों में रोजाना टैंकरों से पानी की सप्लाई कर रहे हैं, लेकिन कुछ गिने-चुने लोग ही इसका इस्तेमाल करने में रूचि दिखा रहे हैं। हमने कुछ पाइप लाइनों को ऊपर किया है, जबकि शेष जगहों में खोजकर इन्हें सही करने का प्रयास किया जा रहा है।

रायपुर के नोडल अधिकारी डॉ. आरके चंद्रवंशी ने कहा कि पीलिया के सकारात्मक मरीज अब नहीं देखने को मिल रहे हैं। मृतक युवा अफसर को सिकलसेल और पीलिया समेत कई बीमारियां थीं, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।

रामकृष्ण केयर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने कहा कि विकास नायक नामक युवक की मौत सिकलसेल के कारण हुई है, जिसमें पीलिया पहले से ही मौजूद रहता है।