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“अगर बता देते तो परीक्षा दे पाता…” Re-NEET देने से चूका रायपुर का आयुष, आधार कार्ड ने रोकी एंट्री

Breaking News: NEET-UG री-एग्जाम में रायपुर के अभ्यर्थी आयुष पासवान को आधार कार्ड दस्तावेज की वजह से परीक्षा देने से रोका गया। समय पर पहुंचने के बावजूद कलर प्रिंट लेकर लौटने तक परीक्षा केंद्र का गेट बंद हो चुका था।

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NEET Candidate Missed Exam

NEET Candidate Missed Exam: NEET देने से चूका रायपुर का आयुष(photo--patrika)

NEET Candidate Missed Exam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में NEET-UG री-एग्जाम के दौरान राजा तालाब स्थित बीपी पुजारी स्कूल परीक्षा केंद्र में एक अभ्यर्थी परीक्षा देने से चूक गया। धरसीवां निवासी आयुष पासवान का कहना है कि वह तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गया था और एंट्री भी हो गई थी, लेकिन आधार कार्ड के दस्तावेज को लेकर हुई परेशानी के कारण उसे परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। आयुष के मुताबिक, बाद में वह आधार कार्ड का कलर प्रिंट लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक गेट बंद हो चुका था।

NEET Exam Raipur: समय पर पहुंचा, लेकिन दस्तावेज बना परेशानी

आयुष के अनुसार वह दोपहर करीब 12.40 बजे परीक्षा केंद्र पहुंच गया था। करीब 1 बजे तक उसकी एंट्री भी हो गई थी, लेकिन उसके पास ओरिजिनल आधार कार्ड नहीं था। सेंटर पर मौजूद लोगों ने उसे घर से आधार कार्ड मंगाने को कहा। आयुष का कहना है कि उसे यह जानकारी नहीं दी गई कि ऑनलाइन डाउनलोड किया गया आधार कार्ड का कलर प्रिंट भी मान्य हो सकता है।

घर दूर होने के कारण वह समय पर दस्तावेज नहीं ला सका। इसके बाद उसने बाहर से आधार कार्ड का प्रिंट निकलवाया और करीब 1.38 बजे वापस सेंटर पहुंचा, लेकिन तब तक गेट बंद हो चुका था। उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।

तीसरी बार दे रहा था NEET परीक्षा

आयुष ने बताया कि यह उसका NEET परीक्षा (NEET Candidate Missed Exam) का तीसरा प्रयास था। पिछली बार रद्द हुई परीक्षा में उसका पेपर अच्छा गया था और उसे उम्मीद थी कि वह क्वालिफाई कर जाएगा। लेकिन बार-बार परीक्षा प्रक्रिया बदलने और मानसिक दबाव के कारण काफी परेशानी हो रही है। उसने कहा कि अगर सेंटर पर मौजूद अधिकारी उसे पहले ही बता देते कि वह कुछ समय में आधार का प्रिंट लाकर जमा कर सकता है, तो शायद वह परीक्षा दे पाता।

Ayush Paswan: अभ्यर्थी ने बताई अपनी परेशानी

आयुष के मुताबिक वह अकेले ही परीक्षा केंद्र पहुंचा था। कुछ अभिभावकों ने उसकी मदद की और उसके साथ प्रिंट निकलवाने भी गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसने अधिकारियों से घर से दस्तावेज आने की बात भी कही, लेकिन उसे बताया गया कि समय निकलने के बाद प्रवेश नहीं दिया जा सकता।आयुष ने कहा कि लंबे समय की तैयारी के बाद ऐसी स्थिति का सामना करना बहुत मुश्किल है।

वह फार्मेसी की पढ़ाई भी कर रहा है, लेकिन NEET की तैयारी के कारण कॉलेज नियमित नहीं जा पा रहा था। अब आगे की योजना को लेकर वह परेशान है।उसने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता उसे अपने माता-पिता को यह बात बताने की है, क्योंकि उन्होंने उसके डॉक्टर बनने के सपने के लिए काफी मेहनत और उम्मीद लगाई थी।