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रायपुर में पीलिया से एक महिला की मौत, 88 मरीजों की जान अटकी

मोवा में गर्भवती महिला की मौत की खबर सुन मरीजों की जान अटक गई है।
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 26 Mar 2018, 5:26 PM IST

CG News

रायपुर . जानलेवा बीमारी पीलिया एक बार फिर से राजधानी में पैर पसार लिया है। गंभीर रूप से पीडि़त एक महिला की मौत पीलिया के कारण हो गई। इधर खबर पाकर राजधानी में एक बार फिर सनसनी मच गई। आपको बता दें कि शहर के अस्पतालों में जांच शिविर में 88 पीलिया के मरीज मिले थे। जिनका अभी इलाज चल रहा है। मोवा में गर्भवती महिला की मौत की खबर सुन मरीजों की जान अटक गई है।

पीलिया के मरीजों की अचानक संख्या बढऩे पर जिला महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरके चंद्रवंशी ने बताया कि राजधानी के जोन क्रमांक- 2 के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक- 27 के नहरपारा और पांडेपारा में 4 दिनों में पीलिया के 47 संदिग्ध मरीज स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम को मिले हैं। वहीं 54 लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग भेजा गया है। रिपोर्ट आने के पश्चात पॉजिटिव मरीजों की पुख्ता जानकारी सामने आ सकेगी।

30 वर्षीय महिला की मौत से फैली सनसनी
मोवा नहर पारा में रहने वाली गर्भवती महिला की पीलिया से मौत हो गई। 30 वर्षीय सुशीला साहू की पिछले कुछ दिनों से पीलिया से बिमारी थी। वहीं शनिवार देर रात इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। आपको बता दें कि मोवा के नहर पारा में 50 से ज्यादा लोग पीलिया से पीडि़त। एेसे में महिला की मौत से इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है।


पॉश इलाके में भी खतरा
स्लम बस्ती ही नहीं बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी पीलिया ने दस्तक दे दी है। शहर के वार्ड क्रमांक 27 के नहरपारा और पांडेपारा के बाद अब वार्ड 28 अवंति विहार कॉलोनी के महर्षि वाल्मिकी वार्ड के रहवासियों ने फूटे पाइपलाइन से गंदे और बदबूदार पानी सप्लाई किए जाने की शिकायत की है, लेकिन नगरनिगम इस दिशा में मूकदर्शक बना हुआ है। इससे स्थानीय लोगों ने पीलिया और हैजा फैलने का खतरा बताया है।

अस्पताल में आए 41 मरीज
मिली जानकारी के अनुसार शहर की अलग-अलग बस्तियों से अंबेडकर और दोनों जिला अस्पतालों में रोजाना ८ से १० मरीज पहुंच रहे हैं।

बीते 15 दिन में 41 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा वार्ड नंबर- 27 के हैं। वहीं रायपुर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अफसरों ने इसे खतरे की घंटी (अलार्मिंग) बताया है। पिछले दिनों संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने रायपुर जिले के महामारी टीम की आपात बैठक में नई टीम का गठन कर वार्डों में विजिट करने के निर्देश जिला अस्पताल के सिविल सर्जन, सीएमएचओ व आईडीएसपी जिला नोडल अधिकारी को दिए हैं।

इन इलाकों में पीलिया
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल, अंबेडकर अस्पताल सहित जिले के कई निजी अस्पतालों से सीएमएचओ को पीलिया के मरीजों की सूचना दी जा रही है। राजधानी के नहर पारा, पांडे पारा, महर्षि वाल्मिकी वार्ड, अनुराग नगर, दुर्गा नगर, लोधीपारा बस्ती, नया जिला अस्पताल पंडरी के आसपास की बस्ती सहित बैजनाथपारा, पुलिस लाइन स्थित जिला अस्पताल के सामने वाली बस्ती, संतोषी नगर और नेहरू नगर से मरीज सामने आ रहे हैं।

नलों में पहुंच रहा नालियों का पानी

अवंति विहार कॉलोनी के वार्ड क्रमांक २८ स्थित महर्षि वाल्मिकी वार्ड के नागरिकों ने बताया कि लंबे अर्से से वार्ड पार्षद को नाली के पानी में डूबे पाइप लाइन को बदलने आवेदन देते आ रहे हैं, लेकिन पार्षद द्वारा लगातार टालमटोल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाली के गंदे पानी में पेयजल लाइन फूटी है। इससे गंदा पानी घरों में आ रहा है। इससे वार्ड २७ के नहरपारा और पांडे पारा की तरह लोगों में पीलिया फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं नगर निगम के अफसरों को भी कई बार अवगत कराने के बावजूद पाइप लाइन नहीं बदल रहे हैं।