
पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (फोटो सोर्स- विकिपीडिया)
Medical College: पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व आंबेडकर अस्पताल को प्रदेश में स्टेट ऑफ आर्ट बनाना था। इसके लिए 150 करोड़ की एडवांस मशीनें लगाने की योजना थीं। तीन साल पहले शासन के कहने के बाद ही चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने यह प्रोजेक्ट बनाकर भेजा था। हालांकि प्रस्ताव मंगाने के बाद भी शासन ने इसके लिए फूटी कौड़ी नहीं दी। इससे प्रोजेक्ट की बात आई-गई हो गई है।
नेहरू मेडिकल कॉलेज व इससे संबद्ध आंबेडकर अस्पताल प्रदेश का सबसे पुराना व बड़ा कॉलेज व अस्पताल है। स्टेट ऑफ आर्ट संबंधी फाइल संचालनालय के अधिकारियों ने सीधे स्वास्थ्य मंत्री को दिया था। अस्पताल व कॉलेजों की मशीनें अब हांफने लगी हैं।
लंबे समय से मरीजों की जांच के लिए जरूरी मशीनें नहीं खरीदी गई हैं। यही कारण है कि सीटी स्कैन, एमआरआई व डीएसए समेत 80 करोड़ की मशीनें कंडम या एक्सपायर हो गई हैं। स्टेट ऑफ आर्ट वाले प्रोजेक्ट में रेडियोलॉजी, कैंसर, पैथोलॉजी, बायो केमेस्ट्री व माइक्रो बायोलॉजी विभाग के लिए एडवांस मशीनें खरीदी जानी थीं। ये ऐसी मशीनें थीं, जो मरीजों के लिए जरूरी है।
ये मशीनें आ जातीं तो किसी भी मरीज को बिना जांच कराए अस्पताल से लौटना नहीं पड़ता। रेडियोलॉजी के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन, डीएसए, कलर डॉप्लर व सोनोग्राफी मशीनें शामिल थीं। इसी तरह कैंसर विभाग के लिए एडवांस सिंकाई मशीन, पैथोलॉजी व अन्य लैब के लिए एडवांस मशीनों की जरूरत है। आने वाले कुछ दिनों में नई मशीनें नहीं आई तो जांच ठप होने की संभावना है।
शासन के प्रस्ताव के बाद स्टेट ऑफ आर्ट बनाने के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था। प्रस्ताव को मंजूरी की जानकारी नहीं है। टर्सरी सेंटर होने के कारण यहां एडवांस नई मशीनों की जरूरत है, ताकि मरीजों की सभी जांच हो सके। - डॉ. विष्णु दत्त, तत्कालीन व रिटायर्ड डीएमई
Updated on:
21 Aug 2025 11:30 am
Published on:
21 Aug 2025 11:29 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
