4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उम्र कैद की सजा काट रहे खूंखार कैदी ने ओडिशा के CM पटनायक को दी जान से मारने की धमकी

उम्रकैद की सजा काट रहे खूंखार कैदी ने केन्द्रीय जेल से ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को जान से मारने की धमकी देते करोड़ों रुपए की मांग की है।

2 min read
Google source verification
Naveen Patnaik Latest News

उम्रकैद की सजा काट रहे खूंखार कैदी ने ओडिशा के सीएम पटनायक को दी जान से मारने की धमकी

बिलासपुऱ. डकैती और हत्याओं के कई मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे खूंखार कैदी ने केन्द्रीय जेल से ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देते करोड़ों रुपए की मांग की है। जेल से भेजे गए पत्र के बाद ओडिशा सरकार ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को इस मामले की जांच करने के लिए पत्र लिखा है।

ये भी पढ़ें : जिस दिन माताएं अपनी संतान के लिए रखती है निर्जरा व्रत, उसी दिन दो माताओं ने खोए अपने पुत्र

जेल से धमकी भरे पत्र भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी एएन उपाध्याय ने ओडिशा सरकार के पत्र का संज्ञान लेते हुए जांच करने आदेश दिए हैं। इसकी जांच बिलासपुर एसपी आरिफ शेख ने एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर को सौंपी है।

रविवार को एएसपी नीरज चन्द्राकर इस मामले की जांच करने जेल पहुंचे। एसपी शेख ने कहा कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। वह काफी समय से जेल में बंद है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने जेल से पत्र लिखने के आरोप को स्वीकार किया है।

ये भी पढ़ें : डॉक्टर की लापरवाही से हुई मासूम की मौत, दर्द से तड़पती प्रसूता से बोली - थकी हूं, नहीं कर सकती इलाज

जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा निवासी पुष्पेन्द्र नाथ चौहान ( 40) के खिलाफ डकैती और हत्या के 42 मामले छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक पुष्पेन्द्र जेल में अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार न्यायालय समेत प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र नियमित रूप से भेजा रहता है। उसकी लेटरबाजी से जेल समेत प्रशासनिक अधिकारी भी त्रस्त हो चुके हैं।

पुष्पेन्द्र ने कहा-हां मैंने लिखा है पत्र
जांच करने जेल पहुंचे एएपी चन्द्राकर ने पुष्पेन्द्र से पूछताछ की। उसने ओडिशा के मुख्यमंत्री समेत शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजना स्वीकार किया। एएसपी ने उससे बहला-फुसलाकर जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उसने पत्र के अलावा दूसरी जानकारियां देने से इनकार कर दिया।