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CG Satta Racket: सटोरिए बाबू खेमानी के घर पुलिस रेड, 5 लग्जरी कार समेत करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

CG Satta Racket: रायपुर में सट्टेबाज बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के घर पुलिस की बड़ी छापेमारी। 5 महंगी कारें, कई संपत्तियां और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन का खुलासा, जांच जारी।

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सटोरिए बाबू खेमानी के घर छापेमारी (photo source- Patrika)

सटोरिए बाबू खेमानी के घर छापेमारी (photo source- Patrika)

CG Satta Racket: छत्तीसगढ़ की राजधानी में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया है। आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के घर पर हुई छापेमार कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति, महंगी कारें और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले ने शहर में सट्टेबाजी के फैलते जाल और उसके प्रभाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CG Satta Racket: 10 टीमों की रेड, घर से मिला बड़ा नेटवर्क

गंज थाना और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने सर्च वारंट के साथ आमानाका स्थित मारुति एनक्लेव में बाबू खेमानी के घर दबिश दी। करीब 10 टीमों ने एक साथ कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की तलाशी ली। इस दौरान घर में बाबू और उसके भाई करण की पत्नियां और उनकी मां मौजूद मिलीं। पुलिस को शुरुआती जांच में ही सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे, जिससे यह साफ हुआ कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।

करोड़ों की संपत्ति और महंगी कारों का खुलासा

छापेमारी के दौरान पुलिस को बाबू खेमानी और उसके परिवार की बड़ी संपत्ति का पता चला। आमानाका के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम और महासमुंद-बागबाहरा मेन रोड पर करीब एक एकड़ जमीन की जानकारी सामने आई। इसके साथ ही बीएमडब्ल्यू, क्रेटा समेत पांच महंगी कारें भी बरामद हुई हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों के स्रोत और वैधता की जांच में जुट गई है।

बैंक खातों और म्यूल अकाउंट की जांच

पुलिस ने बाबू, उसके भाई करण और उनके पिता के बैंक खातों की डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने के लिए 50 से ज्यादा आईडी अलग-अलग नामों से बनाई गई थीं। इन आईडी के जरिए सट्टे का संचालन किया जाता था। साथ ही, कई “म्यूल अकाउंट” (दूसरों के नाम पर खोले गए बैंक खाते) का इस्तेमाल कर पैसों का लेनदेन किया जाता था, जिससे असली स्रोत छिपाया जा सके।

महादेवबुक ऐप से जुड़ाव और खुद का नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि बाबू खेमानी पहले महादेवबुक ऐप से जुड़ा हुआ था, जो देशभर में चर्चित ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म रहा है। बाद में उसने खुद का सट्टा नेटवर्क खड़ा कर लिया और अपने भाई करण के साथ मिलकर इसे बड़े स्तर पर संचालित करने लगा। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़

बाबू खेमानी खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर वह लगातार रील्स और वीडियो पोस्ट करता था। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे वीडियो भी मिले हैं जिनमें आपत्तिजनक भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया गया है। यह पहलू भी जांच के दायरे में है कि क्या सोशल मीडिया का उपयोग सट्टे के प्रचार या नेटवर्क बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।

CG Satta Racket: राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच

इस मामले में एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है—बाबू खेमानी और शहर के एक पूर्व महापौर के भतीजे के बीच करीबी संबंध। दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे आपत्तिजनक भाषा में बातचीत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस इस कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं सट्टा नेटवर्क को किसी तरह का संरक्षण तो नहीं मिल रहा था।

पहले भी सामने आया था नेटवर्क

गौरतलब है कि कबीर नगर में पहले हुई सट्टे पर कार्रवाई के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। उस समय बाबू खेमानी का चचेरा भाई ओम खेमानी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। उसी जांच के दौरान बाबू और करण के नाम सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस लगातार इनके पीछे लगी हुई थी।