
छत्तीसगढ़ी फिल्म कुरुक्षेत्र के सेट पर डॉ. शांतानु।
ताबीर हुसैन @ रायपुर.केजीएफ-2 ने सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं, कई रिकॉर्ड भी तोड़े। वहीं रायपुर के एक ऐसे डॉक्टर भी हैं जिन्होंने शूटिंग के दौरान 18 दिन गुजारे हैं। हालांकि उन्होंने किसी तरह का कोई काम नहीं किया है लेकिन सीखने के नजरिए से वे वहां गए थे। डॉ. शांतानु पाटनवार ने बताया, करीब डेढ़ साल पहले मैंने एक पत्रकार से उनका नंबर मांगा था। मैंने उनसे बात की और फिल्म मेकिंग सीखने की इच्छा जताई। उन्होंने सहमति भी दी। बताते चलें कि मूलत: बिलासपुर निवासी डॉ. शांतानु राजधानी के मोवा में रहते हैं। गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज से पढ़े हैं। आठ साल से वे प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।
कोरबा के कोयला खदान पर शूट पर चर्चा
डॉ. शांतानु की मानें तो खदान पर फिल्माए गए सीन के लिए कोरबा कोयला खदान पर भी चर्चा हुई थी। मैंने लाइनअप भी किया था लेकिन शूटिंग को शिफ्ट करना उस समय मुश्किल था। वे कहते हैं, मेरी रुचि फिल्मों में थी, इसलिए कई डॉक्युमेंट्री भी बनाई। रही केजीएफ-2 के दौरान की फोटो की तो उस समय वहां मोबाइल अलाऊ नहीं था।
मेरी ड्रीम प्रोजेक्ट फिल्म दसरा के लिए होती थी बात
मैं अभी कुरुक्षेत्र का निर्देशन कर रहा हूं। यह छत्तीसगढ़ी फिल्म है। दरअसल मैं एक फिल्म कर रहा हूं जिसका नाम है दसरा। यह मूवी मेरी ड्रीम प्रोजेक्ट है जो कि बस्तर बेस्ड है। इस फिल्म को लेकर मेरी बातचीत प्रशांत सर से हुआ करती थी। तभी मैंने उनसे कहा था कि केजीएफ -2 बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। अगर यहां मैं कुछ समय बिताऊं तो फिल्म मेकिंग की बारीकियों से अवगत हो सकता हूं। मैंने उनसे रिक्वेस्ट की और उन्होंने हामी भर दी। वह दिन मेरे लिए सुनहरे इतिहास में दर्ज हो गया।
Published on:
24 Apr 2022, 11:54 PM IST
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