
गोठानों में बन रही गोबर व मिट्टी की राखी
Raksha Bandhan 2023 : राखी त्योहार को लेकर मिट्टी, गोबर से इको फ्रेंडली के साथ फैंसी राखियां बाजार में आ गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए गोकुल नगर गोठान की महिलाएं विशेष राखी बना रही हैं, जिसे रक्षाबंधन के दिन जाकर मुख्यमंत्री की कलाई में बांधेंगी।
एक पहल संस्था द्वारा गोकुल नगर गोठान में गोबर, औषधियुक्त पौधों के रस, मौली धागा और हल्के रंगों के इस्तेमाल से आकर्षक राखियां तैयार की जा रही है। संस्था के रितेश अग्रवाल ने बताया इस वर्ष हमारी महिला स्व सहायता की महिलाओं द्वारा करीब 10 हजार से ज्यादा राखियां बनाई गई है। जून-जुलाई से हमारे पास दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से मांग आई। राखी की कीमत 20 से 50 रुपए तक है।
दीपिका बना रहीं इको फ्रेंडली राखी
साईं विला, भाठागांव निवासी दीपिका सिंह द्वारा बनाई जा रही राखी को खूब पसंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा, यूं तो भाईयों की कलाईयों पर कई सारी राखियां बांधी जाती हैं, लेकिन बाद में उनका कोई उपयोग नहीं हो पता। इसलिए वे मिट्टी की राखियां बना रही हैं, जो बाद में मिटटी को समर्पित कर सकते हैं। इस राखी में पालक, धनिया और टमाटर जैसी सब्जियों के बीज डाले गए हैं। रक्षाबंधन के बाद राखी को किसी गमले में डाल देने से उसमें से पौधे उग आएंगे। मिट्टी और मौली धागे से बनी यह राखी पूरी तरह से इको फ्रेंडली है।
दीपिका ने बताया कि बिलासपुर, दुर्ग और बीजापुर के लोगों ने राखियां मंगाई हैं। राखियां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध हैं।
Published on:
27 Aug 2023 10:33 am
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