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Smart City: सत्ता बदलते ही राजनीति में पिस रहे राजधानी के दुकानदार, सड़कों के ठेले-खोमचों को नहीं मिल रही जगह

Raipur Smart City: रायपुर में स्मार्ट सिटी रायपुर में सरकारी खजाने से बनाने और बिगाड़ने का खेल रुक नहीं रहा। राजनीतिक दलों की सत्ता बदलने के साथ ही करोड़ रुपए के कार्यों पर रोक लगाने का चलन सा बन गया है।
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chopati

Raipur Smart City: छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्मार्ट सिटी रायपुर में सरकारी खजाने से बनाने और बिगाड़ने का खेल रुक नहीं रहा। राजनीतिक दलों की सत्ता बदलने के साथ ही करोड़ रुपए के कार्यों पर रोक लगाने का चलन सा बन गया है। परंतु नेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि बर्बादी आम जनता के ही रुपयों की होती है। इसी पैटर्न का एक मुद्दा एक बार फिर रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के रडार पर है।

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Raipur Smart City: चौपाटी को शिफ्ट करने की तैयारी

Raipur Smart City: जब शहर की मुख्य सड़क जीई रोड पर साइंस कॉलेज मैदान चौपाटी बन रहा थी, तब पूर्व विधायक की हैसियत से वे जमकर विरोध में उतरे थे। उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन अब भाजपा सरकार में विधायक के रूप में साइंस कॉलेज मैदान से चौपाटी हटाने के मुद्दे पर अड़े हुए हैं।

जबकि इस चौपाटी को बनाने में स्मार्ट सिटी कंपनी ने 5 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब उस जगह से खानपान स्टॉलों को आमानाका ब्रिज के नीचे करीब बनकर तैयार वेंडर जोन में शिफ्ट कराने पर पूरा जोर लगा रहे हैं। पिछले दिनों विधायक राजेश मूणत, निगम आयुक्त सहित स्मार्ट सिटी के अधिकारी वहां का जायजा ले चुके हैं।

करोड़ों के स्कॉईवाक तो जंग खा गया

बनाओ और बिगाड़ों की राजनीति के तहत 50 करोड़ से अधिक की लागत से शास्त्री चौक में अधूरा स्कॉईवाक जंग खा रहा है। इसका निर्माण भाजपा सरकार में हुआ और कांग्रेस ने सत्ता में आते ही रोक लगाई। वह ढांचा आज तक पूरा होने का नाम लिया।

शहर के इसी सबसे ट्रैफिक वाली जीई रोड के किनारे कई जगह ठेले-खोमचे लगे रहते हैं। मजेदार बात यह है कि पहले निगम ने उन्हें चलित दुकान बनाकर दी, जो किश्तें भरकर उन्होंने ली। चौपाटी बनी तो उन्हें वहां से हटाया। जैसे-तैसे उन्होंने इधर-उधर जगह तलाश कर रोटी की जुगाड़ की।

अब उन्हें यहां से भी हटाया सा रहा है। जन-प्रतिनिधियों ने छोटे-छोटे काम-धंधा करने वालों को व्यविस्थत करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। हैरानी ये कि इन्हीं लोगों के लिए आमानाका ब्रिज के पास वेंडर जोन बनाना शुरू किया था, अब उन्हें ही बेदखल किया जा रहा है। क्योंकि अब दूसरा प्लान दबाव की राजनीति का आ गया।

ओवरब्रिज के पास वेंडर जोन ही बनना था, लेकिन….

स्मार्ट सिटी कंपनी महाप्रबंधक तकनीकी के पंकज पंचायती ने कहा की आमानाका ओवरब्रिज के करीब वेंडर जोन शहर की मुख्य जीई रोड से ठेले-खोमचों को व्यविस्थत करने के उद्देश्य से ही बनाया गया, परंतु अब मुश्किल है। क्योंकि अब साइंस कॉलेज मैदान चौपाटी के खानपान स्टॉलों को शिफ्ट करने का आदेश है।