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दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए बदले शिक्षक भर्ती के नियम, अब सामान्य B.Ed नहीं… ये विशेष डिग्री होगी जरूरी

Special B.Ed: दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब विशेष शिक्षक के पदों पर नियुक्ति के लिए केवल सामान्य B.Ed की डिग्री पर्याप्त नहीं होगी।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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राहुल जैन

•

Updated: 14 Sep 2026, 8:10 PM IST

Special B.Ed

दिव्यांगों के लिए शिक्षक बनने की राह में अब विशेष बीएड जरूरी - demo pic- source AI Grok

रायपुर@राहुल जैन। Teacher Recruitment Rules: दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक बनने की शैक्षणिक योग्यता को लेकर नए नियम तय किए गए हैं। अब विशेष शिक्षा से जुड़े शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए केवल सामान्य बीएड की डिग्री पर्याप्त नहीं होगी। संबंधित दिव्यांगता के क्षेत्र में बीएड (विशेष शिक्षा) की योग्यता हासिल करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही कई पदों के लिए रीहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) का जीवित पंजीयन भी जरूरी होगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने न्यूनतम शैक्षणिक योगयता तय कर दी है।

नए प्रावधान के मुताबिक विशेष शिक्षक (दृष्टि बाधित) के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय से दृष्टि बाधित में बीएड आवश्यक है। अभ्यर्थी का आरसीआई में जीवित पंजीयन भी अनिवार्य है। इसी तरह शिक्षक (दृष्टि बाधित) और प्रशिक्षित उच्च वर्ग शिक्षक (दृष्टि बाधित) के लिए भी स्नातक के साथ दृष्टि बाधित में बीएड तथा आरसीआई पंजीयन की शर्त रखी गई है।

दिव्यांगता के हिसाब से अलग-अलग योग्यता

नियमों में अलग-अलग दिव्यांगता के लिए प्रशिक्षण की योग्यता भी स्पष्ट की गई है। शिक्षक (श्रवण बाधित) के लिए स्नातक डिग्री के साथ श्रवण बाधित में बीएड और आरसीआई का जीवित पंजीयन जरूरी है। वहीं शिक्षक (मंदबुद्धि बाधितार्थ) के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड की योग्यता मांगी गई है।एकीकृत शिक्षक के पद के लिए स्नातक डिग्री के साथ दृष्टि बाधित अथवा श्रवण बाधित में बीएड तथा आरसीआई पंजीयन अनिवार्य किया गया है।

मोबिलिटी प्रशिक्षक (दृष्टि/श्रवण बाधित) के लिए स्नातक के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय से मोबिलिटी में डिप्लोमा (दृष्टि बाधित के लिए) अथवा फिजिकल एजुकेशन में स्नातक डिग्री (श्रवण बाधित के लिए) की योग्यता निर्धारित है।

बहुविकलांगता में भी विशेष प्रशिक्षण जरूरी

प्रशिक्षित शिक्षक (बहु विकलांग) के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड तथा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, हियरिंग इम्पेयर्ड, विजुअल इम्पेयर्ड अथवा स्पेशल लर्निंग डिसेबिलिटी में से किसी एक विषय में बीएड की योग्यता निर्धारित की गई है। वहीं प्रशिक्षित शिक्षक (बौद्धिक मंदता) के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड और आरसीआई का जीवित पंजीयन आवश्यक है। प्रशिक्षित शिक्षक (श्रवण बाधित) के लिए श्रवण बाधित में बीएड तथा प्रशिक्षित शिक्षक (दृष्टि बाधित) के लिए दृष्टि बाधित में बीएड की शर्त रखी गई है।

समाज कल्याण विभाग के पदों पर भी योग्यता तय

समाज कल्याण विभाग से जुड़े प्रशिक्षक, व्यावसायिक शिक्षक और व्यावसायिक प्रशिक्षक के लिए भी न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है। इन पदों के लिए 10 2 पद्धति से हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित ट्रेड में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्था/पॉलीटेक्निक/आईटीआई से डिग्री या डिप्लोमा मांगा गया है। इसके अलावा मूक-बधिर शिक्षक के लिए कला संकाय में स्नातक तथा डीएड, जबकि निम्न वर्ग शिक्षक के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में डीएड या अस्थि बाधित बाल गृह के लिए डीएड की योग्यता निर्धारित है।संगीतकार के पद के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर की उपाधि अथवा स्नातक के साथ डीआईडी की उपाधि का प्रावधान है।

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