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अब आधार की तर्ज पर सबका बनेगा डिजिटल हेल्थ कार्ड, ये होंगे फायदे

वर्षो बाद भी कहीं से पता चल सकेंगा कि आपकी बीमारी क्या है, क्या टेस्ट हुए थे

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राजगढ़. हर व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी अपडेट रखने और पूरी जानकारी ऑनलाइन करने के लिए बर आधार कार्ड की तर्ज पर डिजिटल हेलथकार्ड बनाए जाएंगे। इसमें कई सालों बाद भी आप अपना रिकॉर्ड आईडी से जान सकेंगे। दरअसल, जिस तरह आधार नंबर से हम अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन जुटा सकते हैं।

उसी तरह भारत सरकार ने हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी पोर्टल पर डालने की योजना बनाई है। इसके तहत व्यक्तिगत जानकारी, बीमारी संबंधी जानकारी और के लिए बर आधार कार्ड की तर्ज पर डिजिटल हेलथकार्ड बनाए जाएंगे। इसमें कई सालों बाद भी आप अपना रिकॉर्ड आईडी से जान सकेंगे। दरअसल, जिस तरह आधार नंबर से हम अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन जुटा सकते हैं, ठीक उसी तरह भारत सरकार ने हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी पोर्टल पर डालने की योजना बनाई है। इसके तहत व्यक्तिगत जानकारी, बीमारी संबंधी जानकारी और कौन सी जांच कब हुई है यह भी उसमें रहेगी।

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डिजिटल हेल्‍थकार्ड ये फायदा होगा

- नॉन कम्यूनिकेबल डिसिज की हिस्ट्री रह पाएगी।
- देश, विदेश में कही भी जाने पर ऑनलाइन आईडी के माध्यम से मरीज की जानकारी मिलेगी।
- निजी अस्पतालों में सिंगल क्लीक में मिलने वाली जानकारी आम आदमी को देशभर में कहीं भी मिल जाएगी।
- बीमारी ज्यादा पांव नहीं पसार पाएगी, प्रॉपर काउंसलिंग उसकी होती रहेगी।
- अक्सर कागजात, पर्चे इत्यादि भूल जाने वाले लोगों को इससे काफी मदद मिलेगी।
- शासन के रिकॉर्ड में भी यह पता चल पाएगा कि कौन सी बीमारी ज्यादा पनप रही है।

कुल मिलाकर डिजिटल हेलथमिशन के तहत आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह शुरुआत की गई है। जिले में इसके लिए डीपीएम, बीपीएम सहित अन्य ऑपरेटर्स को प्रदेश स्तर पर ट्रैनिंग दी गई है, जिसमें इसके बारे में विस्तृत बताया है। वर्तमान में कुल 38 एनसीडी जिले में खुलेंगे। इनमें से 1 जिला अस्पताल, 4 सिविल अस्पताल ब्यावरा, सारंगपुर, जीरापुर और नरसिंहगढ़, 5 सीएचसी बोड़ा, सारंगपुर, खुजनेर, सुठालिया और पचोर के साथ ही 28 पीएचसी सेंटर रहेंगे।

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राजगढ़ डीपीएम, शैलेष सोलंकी ने बताया कि एनसीडी क्लीनिक पर नॉन कम्यूनिकेबल डिसिज की जानकारी जुटाई जाती है। वहीं, शासन के डिजिटल हेल्थमिशन के तहत हर व्यक्ति का डिजिटल काड बनाया जाना है। जिसमें पूरी व्यक्तिगत जानकारी आधार कार्ड की तरह रहेगी। हेल्‍थ अपडेट जुटाने के लिए यह काफी फायदेमंद होगा। अभी स्टेट लेवल पर ट्रेनिंग दी जा रही है, जल्द क्लीनिक शुरू होंगे।