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बड़ी खबर: स्कूल वाहन चालकों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन, बढ़ते सड़क हादसों को लेकर सरकार सख्त

MP News: राजगढ़ समेत अन्य जिलों में स्कूली बसों की बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा है। विभाग ने पूछा है कि स्कूल चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन क्यों नहीं कराया गया।

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Police verification of school drivers transport department bus accident rajgarh mp news

Police verification of school drivers transport department bus accident rajgarh (फोटो- सोशल मीडिया)

Police verification of school drivers: राजगढ़ के तलेन-पचोर के बीच सोमवार को हुए स्कूल बस के हादसे ने एक बार फिर प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग (transport department) की चूक को उजागर किया है। इस बस के ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन स्कूल प्रबंधन ने नहीं कराया था। परिवहन विभाग ने अब स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा है।

एक निजी स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही बस हादसे का शिकार हुई, जिसमें 49 बच्चे घायल हो गए। हादसे से पूर्व न स्कूल प्रबंधन ने पुलिस वेरिफिकेशन करा पाना जरूरी समझा, न ही परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अफसरों ने स्कूलों की जांच-पड़ताल करना जरूरी समझा। बीते महीनों में राजगढ़ जिले में ऐसे अन्य केस भी सामने आए हैं, जिसमें तीन मामलों में चालकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है, बावजूद इसके बीत करीब सात साल से ऐसे बस ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हो पाया है। (MP News)

नोटिस दिया है- आरटीओ

इस बस का उज्जैन से परमिट बना है। कुछ दिन पहले वाहन ट्रांसफर कराया है। वेरिफिकेशन पुलिस करवाती है। हमने संबंधित स्कूल को नोटिस दिया है. जवाब मांगा है। - ज्ञानेंद्र वैश्य, आरटीओ, राजगढ़

वेरिफिकेशन कराएंगे- एसपी

इस ड्राइवर का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। सभी स्कूल बस ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाएंगे। हम स्कूल प्रबंधनों से बात करेंगे, उन्हें जागरूक करेंगे कि पूर्ण प्रशिक्षित चालक को जिम्मेदारी दें।- अमित तोलानी, एसपी, राजगढ़

ये जिम्मेदार ध्यान दें तो रुक जाएं हादसे

  • जिला प्रशासनः कलेक्टर और आरटीओ के साथ स्कूल संचालकों की बैठक होती है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना अफसरों का जिम्मा है,लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
  • शिक्षा विभागः जिला शिक्षा अधिकारी को परिवहन के नियमों का पालन कराना है, लेकिन स्कूलों में चेकिंग करने अधिकारी कभी नहीं जाते हैं।
  • पुलिसः चौराहों पर दो पहिया वाहनों की चेकिंग करने वाली पुलिस स्कूली वाहनों के मामले में नरम रहती है। इनकी जांच नहीं करती।
  • परिवहन विभागः स्कूल बसों के फिटनेस परमिट आदि की प्रक्रिया विभाग से ही होती है। सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराने में विभाग नाकाम है।
  • स्कूलः स्कूल के बच्चों की बसों की हालत अच्छी होना, ड्राइवर-कंडक्टर का व्यवहार, बच्चों-पालकों से फीडबैक लेना आदि होना है, पर ऐसा नहीं हो रहा है। (MP News)