
स्मार्ट विलेज पीपल्या बीरम का मुख्य द्वार (फोटो सोर्स: Patrika)
लक्ष्मीनारायण यादव/नीरज शर्मा की रिपोर्ट
Rajgarh News : सुबह गांव की गलियों में आवाजाही आसान हो, रात होते ही सड़कें रोशनी से जगमगाएं, सड़कों के आसपास पौधे नजर आए, तालाब के आसपास नारियल के पेड़, हरियाली और फव्वारे हो, विश्रामगृह किसी होटल के पार्क जैसा और पार्क में जिम भी हो…। ये कोई पिकनीक स्पॉट और कल्पना नहीं है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ तहसील की स्मार्ट पीपल्याबीरम ग्राम पंचायत की असल तस्वीर है। जहां विकास अब सिर्फ सरकारी फाइलों का हिस्सा नहीं, बल्कि गांव की बदलती तस्वीर का हिस्सा बन चुका है। वर्ष-2022 से पंचायत ने करीब 1.25 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को धरातल पर उतारते हुए गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।
पंचायत ने विकास की शुरुआत किसी एक बड़े प्रोजेक्ट से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से की। वार्डों की जरूरत के अनुसार सीसी सड़कें बनाई गईं और सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया। पीपल्याबीरम में सबसे अलग अध्याय गांव के तालाब का कायाकल्प है। मनरेगा योजना-2023-24 के तहत करीब 8 लाख खर्च कर तालाब की खुदाई और पिचिंग कराई गई। किनारों पर नारियल पाम ट्री लगाए गए और फव्वारा लगाया गया। जलस्रोत के साथ-साथ इसकी खूबसूरती बढ़ाने का यह प्रयास गांव को एक अलग पहचान दे रहा है। ग्राम पंचायत सरपंच सुमित्रा देवनारायण सिंह राजपूत का कहना है कि बेटे इंजी. दीपक सिंह, सचिव रेखा राजपूत और सहसचिव हिंदू सिंह राजपूत सभी के प्रयासों और इनकी बेहतर सोच के दम पर पंचायत को विकसित करने काम कर रहे है। प्रयास है कि पंचायत और ग्रामीणों को मूलभत सुविधा और जितना बेहतर हो सके कर सके।
शाम ढलते ही गांव का दूसरा बदलाव नजर आता है। पांचवें वित्त की राशि से सवा सौ से अधिक स्ट्रीट लाइट हर गली-मोहल्ले में लगी है। गांव में बिजली फॉल्ट आदि में ये लाईटें खराब न हो इसके लिए स्टेबलाइजर अलग से लगवा रखे है। यानी हर काम पूरी बारीकी और तकनीकी पहलू के साथ किया है। हर घर में शौचालय की सुविधा भी है। हालांकि जनप्रतिनिधि ही बताते है कि कुछ लोग गांव में आदत होने से खुले में शौच के लिए जाते है, लेकिन हम लगातार जागरूक कर रहे है। पंचायत में मंगलवार और शनिवार को भवन में जनसुनवाई होती है, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे पंचायत तक पहुंचाते हैं।
पंचायत के जिम्मेदारों का कहना है कि अब आधुनिक लाइब्रेरी खोलने को लेकर प्रयास कर रहे है। साथ ही गांव में आठवीं कक्षा तक स्कूल है, जिसे भी बेहतर बनाना है। बता दे कि पीपल्याबीरम पंचायत जिले में अपने विकास कार्यों के लिए जिले में मॉडल बनकर उभर रही है। पिछले वर्ष यहां एक शिविर लगा जिलेभर के पंचायतों के जिम्मेदारों को बुलाया गया था, ताकि पंचायत के काम और मॉडल को देख अन्य जगह भी ऐसे काम हो सके।
-पंचायत गठन- 1995-96
-वर्तमान आबादी- 2000
-मतदाता- 1260
-सीसी सड़क- 15-20 लाख वार्डों में
-विधायक निधि- 35 लाख
-तालाब सौंदर्यीकरण- 8 लाख (मनरेगा 2023-24)
-स्ट्रीट लाइट- 5 लाख
-दो आंगनबाड़ी भवन- 7.88 लाख और 8.52 लाख (एक पहले से स्वीकृत)
-आवास- करीब 50, (250 का नया सर्वे)
-जिम- विधायक-सांसद निधि से
-कुल विकास कार्य- (1.25 करोड़ वर्ष- 2022 से अब तक अलग-अलग मदों से)
Updated on:
10 Sept 2026 08:56 pm
Published on:
10 Sept 2026 08:56 pm
