1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुर्घटना! भाजपा नेताओं से भरी रोप-वे की ट्रॉली पलटी, बाल-बाल बचे पूर्व गृहमंत्री पैकरा..

CG Accident News: राजनांदगांव जिले में मां बम्लेश्वरी मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे भाजपा नेताओं से भरी रोप-वे की ट्रॉली नीचे उतरते वक्त प्लेटफॉर्म के समीप डी-रेल होकर पलट गई।

2 min read
Google source verification
दुर्घटना! भाजपा नेताओं से भरी रोपवे की ट्रॉली पलटी, बाल-बाल बचे पूर्व गृहमंत्री पैकरा..

CG Accident News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में मां बम्लेश्वरी मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे भाजपा नेताओं से भरी रोप-वे की ट्रॉली नीचे उतरते वक्त प्लेटफॉर्म के समीप डी-रेल होकर पलट गई। रोप-वे की 10 नंबर ट्रॉली में वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा।

भिलाई के भाजपा नेता दया सिंह, सिद्धार्थ सिंह, बलराम सोनी व मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सवार थे। बता दें कि 12 यहां रोप-वे ट्रॉली का संचालन हो रहा है। जिससे रोज 500 से 600 लोग उपयोग करते हैं। पीक सीजन में यह संख्या और बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें: CG Accident: दुर्ग से पुरी जा रही बस ट्रक से टकराई, 6 माह के मासूम की मौत, 43 लोग घायल

CG Accident News: प्रदेश महामंत्री भरत रायपुर रेफर

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने इस हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इधर हादसे के बाद डोंगरगढ़ पुलिस ने मां बम्लेश्वरी रोप-वे संचालन समिति के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। ट्रॉली के गिरने से भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा को ज्यादा चोटें लगी हैं। उन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। वहीं पूर्व मंत्री नेताम, दया सिंह सहित अन्य को मामूली चोटें आई हैं। गनीमत है कि रोप-वे की ट्रॉली आधे रास्ते में नहीं पलटी, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता।

एक-दूसरे पर गिर पड़े

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भाजपा नेता दर्शन कर नीचे उतर ही रहे थे कि रोप-वे की ट्रॉली स्टापर तक पहुंचने से पहले लूप लाइन से कट हो गई और नीचे गिरी और पलट गई। इसमें सवार भाजपा नेता भीतर ही एक-दूसरे पर गिर गए। इसके चलते प्रदेश महामंत्री भरत को गंभीर चोट लगी। अन्य भाजपा नेता ट्रॉली से बाहर निकले पर भरत उठ नहीं पाए। आनन-फानन में उन्हें डोंगरगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।