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डेंगू के बाद अब डायरिया का कहर, दो की हुई मौत

दो दर्जन से अधिक लोग अब भी चपेट में, अलग-अलग जगह करा रहे इलाज
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राजनंदगांव

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Nitin Dongre

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Updated: 25 Aug 2018, 3:56 PM IST

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डेंगू के बाद अब डायरिया का कहर, दो की हुई मौत

राजनांदगांव/ औंधी. डेंगू के बाद जिले में डायरिया ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिले के बार्डर में बसे औंधी क्षेत्र के ग्राम बोड़ेगांव (गेड़ामटोला) में डायरिया की चपेट में आकर दो ग्रामीणों की मौत हो गई है। वहीं अब भी करीब दो दर्जन से अधिक लोग इसके चपेट में हैं, और अलग-अलग अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। मिली जानकारी अनुसार गेड़ामटोला में डायरिया का प्रकोप पिछले सप्ताहभर से है। दोनों लोगों की मौत भी सप्ताहभर पहले ही हो चुकी है। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग यहां लगातार कैंप कर रहा है, इसके बाद भी स्थिति पर नियंत्रण नहीं है।

औंधी से महज दो किमी दूर स्थित यह गांव लगभग एक हजार की आबादी वाला गांव है, जहां सप्ताहभर से डायरिया का प्रकोप छाया हुआ है। इसके चपटे में आने से पहले पूरन लाल मंडावी (५२) व इसके बाद जीवना बाई मंडावी (५०) की मौत हो चुकी है। वहीं अन्य पीडि़तों का इलाज औंधी स्वास्थ्य केंद्र के अलावा मानपुर, मोहला और अंबागढ़ चौकी के स्वास्थ्य केन्द्रों में चल रहा है। इनमें से तीन मरीजों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। वहीं गांव में इसके मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे गांव में दहशत का माहौल है।

कुएं का पानी पी रहे ग्रामीण

मिली जानकारी अनुसार गांव में दो हैंडपंप हैं। एक हैंडपंप सूख चुका है। वहीं दूसरे हैंडपंप में मिट्टी धंसने से उसमें भी पानी नहीं निकल रहा। इस वजह से यहां के लोग कुएं का पानी पीने मजबूर हैं। माना जा रहा है कि यहीं का अशुद्ध जल पीने के कारण लोगों को डायरिया की शिकायत आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी हैंडपंप का पानी पीते हैं। बारिश के दिनों में हैंडपंप का पानी दूषित हो जाता है। जिले को साफ पानी पिलाने का दावा करने वाली पीएचई विभाग के अफसर कागजी कार्यवाही कर खानापूर्ति करने में लगे हैं।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में इलाज

मिली जानकारी अनुसार गेड़ामटोला के कुछ डायरिया पीडि़त महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। इधर मानपुर-मोहला व अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के गांवों में मलेरिया की शिकायत भी सामने आई है।

गांव पहुंचे थे बीएमओ और सीएमएचओ

मामला संज्ञान में आने के बाद गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी और बीएमओ मानपुर डॉ. मोहन टीकम गांव पहुंचे थे। मरीजों की जानकारी लेकर जिस कुएं से लोग पेयजल लेे रहे हैं। वहां ब्लीचिंग पाऊडर का छिड़काव कराएं हैं। उन्होंने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने तथा किभी तरह से तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों से संपर्क करने कहा।

मौत सामान्य है

डॉ. मोहन टीकम, बीएमओ मानपुर ने इस मामले पर कहा कि उनकी मौत सप्ताहभर पहले हुई है। उनकी मौत डायरिया से नहीं हुई है। महिला को अस्थमा और पुरुष को बीपी का ्रप्राब्लम था। डायरिया फैली थी, लेकिन अब स्थिति कंट्रोल में है। वर्तमान में कोई मरीज नहीं है।