1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तालाब सौंदर्यीकरण में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर 15 दिनों में कार्रवाई करने जनता कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ से चर्चा कर कार्रवाई के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

राजनंदगांव

•

image

Govind Sahu

•

Updated: 12 May 2018, 12:26 PM IST

system

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. धर्मनगरी के मध्य स्थित ऐतिहासिक महावीर तालाब की आड़ में सत्ताधारी नेता व अधिकारियों ने विकास के नाम पर आयी शासकीय राशि का बंदरबांट किया है। संबंधित ठेकेदार इसका खुलासा करने तैयार है। इसके बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
तालाब में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों तालाब में घुटने तक पानी में जाकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की थी। सीएमओ जांच के नाम पर फाइलें खुलवाने की बात कह रहे हंै। इसी मामले में जनता कांग्रेस के कार्यकर्ता नगर पालिका पहुंचकर सीएमओ आशीष तिवारी से इस संबंध में विस्तृत चर्चा कर कार्रवाई के की मांग रखी है।

जांच में सब आ जाएगा सामने
जेयु के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने बताया कि इस प्राचीन तलाब में ज्योति विसर्जन के अलावा सभी धार्मिक कार्य किए जाते हंै जिससे यहां के लोगों की आस्था इस तालाब से जुड़ी हुई है, किंतु तालाब के विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार किया गया जिसकी जांच कराने पर सबकुछ सामने आ जाएगा।

फूंकेंगे सीएम का पुतला
कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूर्व में जेयु कांग्रेस द्वारा तालाब की समस्या को लेकर आंदोलन कर ठकेदार पर कार्रवाई के लिए 15 दिनों की चेतावनी दी गई थी। कार्रवाई नहीं करने पर नगर पालिका का घेराव कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इस संबंध में नपाध्यक्ष तरूण हथेल ने बताया कि 67 लाख के कार्य में 18.75 की राशि शेष थी जहां शेष राशि पर रिटेंडर किया गया जो बिलों में गया तथा यहां अधोसंरचना मद से टैंक निर्माण तथा अन्य कार्य कराए गए।

जांच हुई तो करूंगा खुलासा
तत्कालीन कलक्टर अशोक अग्रवाल के सामने बैठक में ठेकेदार संतोख सिंग ने कहा गया था कि मेरे खिलाफ जांच कर लो किस किस को मैने पैसे दिए हैं। मैं सब बता दूंगा। यही नहीं 3 प्रतिशत भिजवाने की बात कलक्टर से कही। नपाध्यक्ष ने बताया कि कार्य में बंदरबांट हुआ है। तालाब में शराब की बोतलें, चखने की रददी व पानी पाउच आज भी देखे जा सकते हंै। यहां सत्ताधारी पार्टी के असमाजिक तत्वों का डेरा रहता है।