
इस जिले में 17 प्रतिशत घटा कुपोषण, पीएम मोदी की तर्ज पर सरपंचों को चाय पर बुलाएंगे कलेक्टर
राजनांदगांव. साल भर के भीतर कुपोषण की दर में सत्रह प्रतिशत तक की कमी लाने वाले सरपंचों को कलेक्टर भीम सिंह ने चाय पर आमंत्रित किया है। महिला बाल विकास की समीक्षा बैठक में आज सभी सेक्टरों की समीक्षा करते हुए बागरेकसा और कनेरी सेक्टर के कुपोषण गिरावट के नतीजे उल्लेखनीय आए।
कुपोषण समाप्त करना कठिन
इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सरपंचों की भूमिका की कलेक्टर ने तारीफ की तथा कहा कि वे इन्हें चाय पर आमंत्रित करेंगे। इस सेक्टर में उल्लेखनीय कार्य करने वाली सुपरवाइजर मृदुभाषिणी की प्रशंसा भी उन्होंने की। कलेक्टर ने कहा कि बिल्डिंग बनाना आसान है लेकिन कुपोषण समाप्त करना कठिन है यद्यपि यह असंभव नहीं है। मृदुभाषिणी जैसी अच्छा काम कर रही सुपरवाइजरों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं।
सुपोषण लड्डू भी बच्चो को दिए
मृदुभाषिणी ने कुपोषण के स्तर में गिरावट लाने में मिली बड़ी कामयाबी को भी सबसे साझा किया। उन्होंने बताया कि वे तथा उनकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पालकों से गृहभेंट के लिए निरंतर मिलीं तथा पोषक आहार के महत्व के बारे में बताया। इसके साथ ही सुपोषण लड्डू भी बच्चों को दिए। इस लड्डू में मिल्क पावडर और ड्राई फ्रूड भी मिलाये गए थे। इसके लिए सरपंचों ने पूरा सहयोग दिया।
कलेक्टर ने ली बुनियादी सुविधाओं की जानकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सुपोषण अभियान जनभागीदारी को लेकर चलाया जा रहा है। इसके महत्व को मृदुभाषिणी जैसे सुपरवाइजर अच्छी तरह समझ रहे हैं और सबके साथ बेहतर तालमेल कर अच्छा काम कर रहे हैं। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में अब भी शौचालय नहीं है अथवा जर्जर हो चुके हैं तो इसे अवगत करा दें।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इनका निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली-पानी की उपलब्धता की जानकारी भी ली। जहां भी इन विषयों को लेकर बुनियादी समस्या है वहाँ इसे ठीक करने कलेक्टर ने निर्देशित किया। कलेक्टर ने रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया निपटा लेने के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आई बात
समीक्षा में यह बात सामने आई कि कुछ सुपरवाइजरों के सेक्टर की आंगनबाडिय़ों में कुपोषण में पांच फीसदी भी गिरावट नहीं आई। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से यदि हर साल एक प्रतिशत कुपोषण में गिरावट होती रही तो इन सेक्टरों में कुपोषण को समाप्त करने में 20 साल लग जाएंगे। यह बिल्कुल ही अस्वीकार्य स्थिति है। इन सेक्टरों में सुपरवाइजरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा होगी और स्थिति ऐसी ही बनी रहने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इन्हें शो कॉज नोटिस दिया जाएगा और एक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।
Updated on:
16 Sep 2018, 1:21 PM IST
Published on:
16 Sep 2018, 1:21 PM IST
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