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CCG News: शहर में अब टैक्स की वसूली हाइटेक तरीके से होगी। टैक्स जमा करने लोगों को अब निगम के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निगम की ओर से टैक्स जमा करने अब सभी घरों में क्यूआर कोड लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। क्यूआर कोड में स्कैन कर टैक्स पेयर लोग अब घर बैठे अपना टैक्स जमा करेंगे। निगम की ओर से करार किए किए बैंक से इस संबंध में एक सॉटवेयर अपग्रेड कर संबंधितों के चालू व बकाया टैक्स की जानकारी डाटा में अपलोड किया जा रहा है। कुछ वार्ड में इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
नगर निगम में संपत्तिकर, जलकर, समेकित कर सहित अन्य कर का सालाना 18 से 20 करोड़ रुपए का डिमांड है। अधिकांश लोगों द्वारा समय पर टैक्स जमा करने गंभीरता नहीं दिखाई जाती। समय पर टैक्स जमा नहीं होने से निगम की माली हालत खराब हो जाती है। निगम को वार्डों में शिविर लगाकर कड़ाई के साथ टैक्स की वसूली करनी पड़ती है।
वार्डों के मोहर्रिर भी घरों में क्यूआर कोड लेकर लोगों से ऑनलाइन टैक्स जमा कराएंगे। निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि ऑनलाइन टैक्स जमा करने टैक्स पेयरों की जमीन, घर व अन्य डाटा सॉट वेयर में अपलोड होगा। कितने वर्ग फीट में घर व जमीन है। इसकी जानकारी होगी। चालू व बकाया टैक्स की राशि की जानकारी मिलेगी। मोबाइल पर समय-समय पर मैसेज के माध्यम से टैक्स जमा करने की तिथि की जानकारी भी मिलेगी।
शहर में 40 हजार घर, जमीन व भवन हैं। संपत्तिकर सालाना 8 करोड़ 82 लाख, समेकित कर 1 करोड़ 56 लाख और जलकर का टैक्स 4 करोड़ 68 लाख है। शहर में संपत्तिकर, जलकर व समेकित कर का सालाना डिमांड 15 करोड़ है। टैक्स जमा नहीं करने से बकाया टैक्स मिलाकर इस साल की डिमांड 23 करोड़ है।
इस वित्तीय वर्ष चालू व बकाया डिमांड के अनुसार 23 करोड़ 27 लाख रुपए की टैक्स वसूली करनी है। अब तक 10 करोड़ 80 लाख रुपए की ही वसूली हुई है। डिमांड का सिर्फ 40 प्रतिशत ही टैक्स वसूली हुई है। समय पर टैक्स वसूली नहीं होने से निगम का माली हालत खराब रहता है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पाता। इस समस्या को दूर करने अब निगम द्वारा ऑनलाइन टैक्स वसूली के लिए घर-घर में क्यूआर कोड लगाने की तैयारी है।
नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा शहर में टैक्स वसूली अब ऑनलाइन तरीके से की जाएगी। घर-घर में क्यूआर कोड लगाया जाएगा। लोग घर बैठे टैक्स जमा कर सकेंगे। टैक्स पेयरों के मोबाइल नंबरों को सॉट वेयर के माध्यम से उनके टैक्स की राशि को डाटा में अपलोड किया जा रहा है।
Published on:
03 Dec 2024 07:07 pm
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